जिसके दान से बनी बिल्डिंग उसे बुलाया तक नहीं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उनका कहना है कि उन्होंने बीएचयू के पूर्व कुलपति डॉ. लालजी सिंह के कार्यकाल में दो करोड़ रुपये दान दिए थे। धनराशि इस शर्त के साथ दी गई थी कि नया भवन उनके पिता ठाकुर रतनपाल सिंह के नाम पर होगा। बीएचयू ने न तो उनके पिता के नाम पर भवन का नाम रखा और न ही उन्हें उद्घाटन का आमंत्रण भेजा।
दान देते समय एग्रीमेंट हुआ था
सुरेंद्र बहादुर सिंह के मुताबिक बीएचयू के वाणिज्य संकाय निर्माण के लिए रतनपाल सिंह ने 1975 में 35 लाख और वर्ष 2006 में इसके तृतीय तल के निर्माण के लिए 60 लाख रुपये दिए थे। गोमती छात्रावास के निर्माण के लिए पूर्व कुलपति प्रो. डीपी सिंह के कार्यकाल में तीन करोड़ रुपये दिए थे। वुमेंस कॉलेज में साइबर हट के लिए 40 लाख रुपये दिए थे।
बीएचयू से उनके पिता रतनपाल सिंह और खुद उन्होंने भी शिक्षा ग्रहण की है। बीएचयू से लगाव के चलते वह यहां दान करते हैं। नए इमरजेंसी भवन के लिए दान देते समय एग्रीमेंट हुआ था कि नए भवन का नाम रतनपाल सिंह के नाम पर होगा। वह इस संबंध में बीएचयू प्रशासन से शिकायत करने के अलावा कानूनी कार्यवाही करेंगे।