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भीमा कोरेगांव मामला: मिलिंद एकबोटे और संभाजी भिडे समेत 160 लोगों को नोटिस
Mon, 23 Dec 2019 01:26 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
Published by: Priyesh Mishra
Updated Mon, 23 Dec 2019 01:26 PM IST
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महाराष्ट्र पुलिस
- फोटो : PTI
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पुणे पुलिस ने एक जनवरी को कोरेगांव-भीमा युद्ध की 202वीं सालगिरह से पहले दक्षिणपंथी नेताओं मिलिंद एकबोटे और संभाजी भिडे समेत करीब 160 लोगों को नोटिस जारी किया है। एकबोटे को पिछले साल एक जनवरी को कोरेगांव भीमा युद्ध के 200 साल पूरे होने के अवसर पर एक कार्यक्रम में कोरेगांव भीमा गांव में लोगों को उकसाने और हिंसा भड़काने के सिलसिले में मार्च 2018 में गिरफ्तार किया गया था। भिडे के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया और प्राथमिकी में उनका नाम दर्ज है।
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पुलिस अधीक्षक संदीप पाटिल ने कहा कि अब तक, हमने भिडे और एकबोटे समेत 163 लोगों को नोटिस जारी किए हैं और जिले में उनके प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। ये नोटिस हर उस व्यक्ति को जारी किए गए हैं जिनके खिलाफ हिंसा के संबंध में मामला दर्ज है। जिला प्रशासन पेरणे गांव के पास जय स्तंभ के इर्द-गिर्द व्यापक बंदोबस्त कर रही है जहां लाखों लोग भीमा कोरेगांव युद्ध की बरसी पर श्रद्धांजलि देने के लिए हर साल जुटते हैं।
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एक जनवरी, 2018 को भीमा कोरेगांव युद्ध के 200 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इसमें एक व्यक्ति की जान चली गई थी। हिंसा के संबंध में मार्च 2018 में गिरफ्तार किए गए एकबोटे फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। भिडे के खिलाफ इस संबंध में मामला दर्ज किया गया था लेकिन गिरफ्तारी कभी नहीं हुई।
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कई दलित समूह भीमा कोरेगांव युद्ध की सालगिरह मनाते हैं जिसमें अंग्रेजों ने महाराष्ट्र के पेशवाओं को हराया था। पुणे-अहमदनगर मार्ग पर पेरणे गांव में स्थित स्मारक, अंग्रेजों ने युद्ध में मारे गए सैनिकों की याद में बनवाया था। दलित नेता अंग्रेजों की जीत का जश्न मनाते हैं क्योंकि महार समुदाय के सैनिक ईस्ट इंडिया कंपनी के बल का हिस्सा थे। पेशवा ब्राह्मण थे और इस जीत को दलितों की दृढ़ता के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है।