फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   bharatiya janata party is searching safe assembly seat for smriti irani in poorvanchal

मिशन 2017: स्मृति ईरानी के लिए पूर्वांचल में सुरक्षित सीट की तलाश

Sun, 12 Jun 2016 04:11 AM IST
रोहित चतुर्वेदी/ अमर उजाला, वाराणसी
रोहित चतुर्वेदी/ अमर उजाला, वाराणसी Updated Sun, 12 Jun 2016 04:11 AM IST
विज्ञापन
bharatiya janata party is searching safe assembly seat for smriti irani in poorvanchal
सीएम कैंडिडेट के लिए राजनाथ, आदित्यनाथ और वरुण के नाम की भी चर्चा - फोटो : PTI
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी को यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा बड़ी जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी में है। पार्टी का एक वर्ग उन्हें सीएम कैंडिडेट बनाने के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व पर दबाव बनाए हुए है। स्मृति के लिए पूर्वांचल में ऐसी सीट की तलाश की जा रही हैं जहां से उन्हें आसानी से चुनाव जिताया जा सके। पार्टी सूत्रों की मानें तो वाराणसी की कैंट विधानसभा सीट से उन्हें लड़ाने की चर्चा पार्टी में है। हालांकि स्मृति की इच्छा रायबरेली अथवा अमेठी की किसी सीट से लड़ने की है।
विज्ञापन


फिलहाल सबकी नजर इलाहाबाद में रविवार से शुरू हो रही पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक पर टिकी है। इसमें यूपी चुनाव को लेकर कई बड़े फैसले होने हैं। चुनाव में भाजपा का चेहरा पीएम मोदी होंगे या पार्टी किसी को चुनाव प्रचार अभियान की कमान सौंपेगी, इलाहाबाद की बैठक में तय होगा। हालांकि राजनाथ सिंह के अलावा भाजपा के फायर ब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ का नाम भी सीएम कैंडिडेट के रूप में पार्टी में चल रहा है। भाजपा के एक अन्य फायर ब्रांड नेता वरुण गांधी का नाम भी सुर्खियों में है। इन सबके बीच केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम तेजी से उछला है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में स्मृति की यूपी चुनाव में भूमिका को लेकर भी पार्टी कोई फैसला ले सकती है।
विज्ञापन


कैंट सीट पर 25 साल से भाजपा का कब्जा
वाराणसी की शहर दक्षिणी और कैंट विधानसभा सीट पर 25 वर्षों से भाजपा का कब्जा है। फिलहाल कैंट सीट से डॉ. ज्योत्सना श्रीवास्तव विधायक हैं। इनसे पहले इनके पति हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ‘हरीश जी’ विधायक थे। जातिगत समीकरणों की वजह से भी यह सीट भाजपा की परंपरागत सीट बन गई है। पहले 1991 एवं 1993 में ज्योत्सना इस सीट से चुनाव जीतीं जबकि 1996 और 2002 में हरीश जी भाजपा के टिकट पर यहां से विधायक चुने गए। ज्योत्सना 2007 और 2012 में फिर यहां से विधायक बनीं। हालांकि 2017 के चुनाव के लिए इस सीट पर भाजपा के ही कई दावेदार हो गए हैं। पार्टी अंतर्कलह और गुटबाजी से बचने के लिए भी स्मृति को इस सीट से आजमाने का मन बना रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed