Bharat Nyay Yatra: राहुल इसलिए मणिपुर से शुरू कर रहे हैं नई यात्रा, पढ़ें इस बार क्या रहेगा प्रियंका का किरदार
कांग्रेस सांसद की यह यात्रा 14 राज्य और 85 जिलों से गुजरेगी। इस दौरान राहुल गांधी बस से और पैदल 6,200 किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा करेंगे। यह यात्रा मणिपुर से शुरू होकर नागालैंड, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात से होते हुए महाराष्ट्र में समाप्त होगी...
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2024 के आम चुनाव से पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भारत न्याय यात्रा शुरू करने जा रहे हैं। यह यात्रा 14 जनवरी से मणिपुर से शुरू होकर 20 मार्च को मुंबई में खत्म होगी। कांग्रेस सांसद की यह यात्रा 14 राज्य और 85 जिलों से गुजरेगी। इस दौरान राहुल गांधी बस से और पैदल 6,200 किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा करेंगे। यह मणिपुर से शुरू होकर नागालैंड, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात से होते हुए महाराष्ट्र में समाप्त होगी। आखिर राहुल गांधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा 2.0 के लिए मणिपुर को ही क्यों चुना, आइए जानते हैं...
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पहले दक्षिण से शुरू हो कर उत्तर में समाप्त हुई थी। इसलिए भारत जोड़ो यात्रा 2.0 यानी कि भारत न्याय यात्रा को पूर्व से पश्चिम करने का फैसला हुआ। दूसरी यात्रा के लिए राहुल गांधी के पास दो विकल्प थे। पहला यह कि यह यात्रा अरुणाचल प्रदेश के परशुराम कुंड से शुरू हो, जो रुद्राक्ष के पेड़ों से घिरा हुआ है। जिससे आसानी से राहुल की शिवभक्ति से कनेक्ट किया जा सकता था। दूसरा इसे कांग्रेस की भी धार्मिक आस्था से इसे जोड़ा जा सकता था। लेकिन राहुल गांधी ने मणिपुर से इस यात्रा को शुरू करने का फैसला किया। क्योंकि मणिपुर दंगों के बाद से दिल दहलाने वाली खबरें और वीडियो सामने आते रहे हैं। राहुल गांधी इसके जरिए मोदी सरकार के साथ उनके डबल इंजन की सरकार के दावे पर जोरदार सियासी हमला कर सकें, इसलिए मणिपुर को चुना गया है। दूसरी तरफ इस यात्रा को 14 जनवरी यानी मकर संक्रांति के दिन शुरू करके हिंदू भावनाओं का भी ख्याल रखा गया है।
इसलिए दिया न्याय यात्रा का नाम
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा अब आम लोगों के बीच काफी प्रचलित हो चुकी है। इसलिए 2024 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते न्याय यात्रा का नाम दिया गया है। यह नाम इसलिए दिया गया है कि ताकि इस यात्रा को जनता की उम्मीदों को न्याय दिलाने के लिहाज से जोड़ा जा सके। भले ही पार्टी इसे राजनीतिक यात्रा कहने से बच रही हो, लेकिन न्याय यात्रा नाम रखकर वह जनता के बीच सियासी संदेश लेकर ही जा रही है। सूत्रों की मानें तो 2019 के चुनावों में पार्टी की न्यूनतम आय योजना 'न्याय' नाम देने वाली प्रियंका गांधी ने ही इस यात्रा को न्याय यात्रा का नाम देने में अहम भूमिका निभाई है।
प्रियंका का भी मिलेगा भरपूर साथ
भारत जोड़ो यात्रा एक में प्रियंका गांधी बहुम कम नजर आईं। लेकिन इस बार न्याय यात्रा में वे ज्यादा सक्रिय नजर आएंगी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि लोकसभा चुनावों की तैयारियों के चलते राहुल को अचानक किसी चुनावी कार्यक्रम या बैठक में यात्रा के बीच से जाना पड़ा, तो प्रियंका इस यात्रा में मौजूद रहेंगी। भारत जोड़ो यात्रा में फिल्म, खेल समेत अन्य क्षेत्रों के प्रोफेशनल्स बड़ी संख्या में राहुल गांधी के साथ पैदल चलते हुए नजर आए थे। ऐसे में इस बार भी पार्टी की प्रोफेशनल कांग्रेस सेल ने पहले ही वेबसाइट जारी करके तमाम प्रोफेशनल्स से यात्रा में जुड़ने का खुला आह्वान किया है।