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सोशल: बंगाल क्यों और कैसे जीता रसगुल्ले की जंग?

Wed, 22 Nov 2017 03:11 PM IST
बीबीसी, हिन्दी
बीबीसी, हिन्दी Updated Wed, 22 Nov 2017 03:11 PM IST
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Bengal won the prestige issue of rasgulla from Odisha
रसगुल्ला
रसगुल्ले को लेकर जारी जंग खत्म हो गई है और इस जंग में ओडिशा को हराते हुए पश्चिम बंगाल ने जीत दर्ज की है। ज्योग्राफिकल इंडिकेशंस (जीआई) रजिस्टरी ने ऐलान किया है कि रसगुल्ला (जिसे रसगुल्ला भी कहा जाता है) बंगाल में हुआ था ना कि ओडिशा में। रसगुल्ला पश्चिम बंगाल ने दिया या फिर ओडिशा ने, ये बहस दोनों राज्यों के बीच पिछले ढाई साल से चल रही थी और विवाद तो और भी पुराना है।
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कोलकाता में पेटेंट एंड डिजाइन के डिप्टी कंट्रोलर संजय भट्टाचार्य ने कहा, ''इसका निपटारा जीआई एक्ट के तहत किया गया है जो उत्पादों को किसी भौगोलिक लोकेशन या फिर समुदाय या समाज से जोड़ते हैं।'' हालांकि ये भी खबर है कि रसगुल्ला नहीं बल्कि बंगाली रसगुल्ला का जीआई पश्चिम बंगाल को मिला है। इस साइट ने ट्रेड मार्क्स एंड जीआई के असिस्टेंट रजिस्ट्रार चिन्नराजा जी नायडू के हवाले से कहा है कि कानूनी लड़ाई में बंगाल की जीत और ओडिशा की हार की खबर गलत है। उन्होंने कहा कि ये टैग बंगलार रसगुल्ला के लिए जारी किया गया है।
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हालांकि खबर आने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट किया था, ''हम सभी के लिए मीठी खबर। हम काफी खुश हैं और इस बात पर गर्व है कि बंगाल को रसगुल्ला के लिए जीआई दर्जा मिल गया है।'' लेकिन पश्चिम बंगाल ने रसगुल्ले की जंग जीती कैसे? उसे किसने विजेता करार दिया? कौन सा उत्पाद किस राज्य के खाते में आएगा, ये कैसे तय होता है? और ज्योग्राफिकल इंडिकेशंस होता क्या है?
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पढ़ें- एक रसगुल्ले के कारण टूट गई शादी, दुल्हन ने लौटा दी चौखट से बारात..

इन सभी सवालों के जवाब ये रहे-

Bengal won the prestige issue of rasgulla from Odisha
रसगुल्ला
ज्योग्राफिकल इंडिकेशंस (जीआई) एक नाम या चिन्ह होता है जो किसी उत्पाद खास से जुड़ा होता है। इसका ताल्लुक किसी भौगोलिक क्षेत्र (जैसे कस्बा, शहर, इलाका या देश) से होता है। विश्व स्वास्थ्य संस्थान (डब्ल्यूटीओ) का सदस्य होने के नाते भारत ने ज्योग्राफिकल इंडिकेशंस ऑफ गुड्स (रजिस्ट्रेशन एंड प्रोटेक्शन) एक्ट 1999 को साल 2003 में 15 सितंबर को अपनाया था। जीआई टैग का मतलब ये है कि अधिकृत यूजर के अलावा कोई उत्पाद के मशहूर नाम का इस्तेमाल नहीं कर सकता। भारत में जीआई टैग पाने वाला पहला उत्पाद दार्जलिंग चाय थी। साल 2004-05 में उसे ये कामयाबी मिली थी।

वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गेनाइजेशन (WIPO) के मुताबिक ज्यॉग्राफिकल इंडिकेशन वो साइन है जो उत्पाद पर होता है और ये बताता है कि वो एक खास क्षेत्र से ताल्लुक रखता है और साथ ही उसकी विशेषताएं क्या हैं। जीआई टैग के मायने ऐसा साइन होने से है, जो ये बताए कि उत्पाद या चीज सबसे पहले कहां आई थी। रसगुल्ला के लिए ये लड़ाई साल 2015 में तब शुरू हुई थी, जब उड़ीसा ने कहा था कि एक से ज्यादा समिति कह चुकी है कि रसगुल्ला के 600 साल पहले से मौजूद होने के पर्याप्त सबूत हैं।

ओडिशा का ये भी कहना था कि ऐतिहासिक रिसर्च के मुताबिक रसगुल्ला का जन्म पुरी में हुआ था। साथ ही इसका पहला अवतार खीर मोहाना था जो बाद में पहला रसगुल्ला कहलाया। इसकी प्रतिक्रिया में पश्चिम बंगाल सरकार ने 19वीं सदी के इतिहास का हवाला देते हुए कहा था कि रसगुल्ला सबसे पहला नबीन चंद्र दास ने साल 1868 में बनाया था।
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