पश्चिम बंगाल: विधानसभा अध्यक्ष बोले, अध्यक्षों के सम्मेलन में उठाएंगे बाहरी हस्तक्षेप का मुद्दा
पिछले साल ममता बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से संसदीय लोकतंत्र और सदन के कामकाज से संबंधित मामलों में धनखड़ द्वारा अत्यधिक हस्तक्षेप के बारे में शिकायत की थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कई मुद्दों पर राज्यपाल जगदीप धनखड़ के साथ टकराव के बीच पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि वह अखिल भारतीय विधानसभा अध्यक्षों के सम्मेलन में विधानसभा के फैसलों में बाहरी हस्तक्षेप का मुद्दा उठाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि चर्चा उपयोगी होगी और समस्याओं से निपटने के लिए निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा, अखिल भारतीय विधानसभा अध्यक्ष का सम्मेलन अगले सप्ताह असम में होगा। मैं इसमें भाग लूंगा। कुछ दिन पहले मैंने ओडिशा और दिल्ली विधानसभाओं के अध्यक्षों से मुलाकात की थी। हम चर्चा करेंगे कि कैसे कामकाज में बाहरी हस्तक्षेप का सामना कर रहे हैं।
सीएम ममता ने की थी राज्यपाल की शिकायत
पिछले साल ममता बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से संसदीय लोकतंत्र और सदन के कामकाज से संबंधित मामलों में धनखड़ द्वारा अत्यधिक हस्तक्षेप के बारे में शिकायत की थी। धनखड़ ने विधानसभा के कई फैसलों पर सवाल उठाए हैं, जो स्पीकर को पसंद नहीं आए। सीएम बनर्जी ने यह भी कहा कि यह अभूतपूर्व है कि विधानसभा में लिए गए फैसलों को अदालत में चुनौती दी जा रही है। ममता ने संवाददाताओं से कहा कि हम इस पहलू पर भी चर्चा करेंगे।
भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय जून 2021 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद सत्तारूढ़ टीएमसी में शामिल हो गए थे। आधिकारिक तौर पर अभी भी सदन में भगवा पार्टी के सदस्य रॉय बाद में लोक लेखा समिति (पीएसी) के अध्यक्ष बने। पीएसी अध्यक्ष के रूप में रॉय के चुनाव को चुनौती देते हुए भाजपा के एक विधायक ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया और परंपरा के अनुसार इस पद पर विपक्षी सदस्य के नामांकन की अपील की।