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Hindi News ›   India News ›   Bengal: Mamata Banerjee Pens ‘Brave’ Poem After Poll Defeat, Sends Message of Strength to TMC Cadre

हार के बाद ममता बनर्जी का भावुक संदेश: 'बहादुर' कविता से कार्यकर्ताओं को दिया हौसला, बोलीं- हिम्मत मत हारो

Tue, 12 May 2026 10:50 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: शिवम गर्ग Updated Tue, 12 May 2026 10:50 PM IST
सार

क्या चुनावी हार किसी राजनीतिक नेता के हौसले को तोड़ देती है या फिर वह इसे नई शुरुआत का मौका बना देता है? पश्चिम बंगाल में हार के बाद ममता बनर्जी ने 'बहादुर' कविता के जरिए अपने कार्यकर्ताओं को नया संदेश देकर सियासी बहस छेड़ दी है।

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Bengal: Mamata Banerjee Pens ‘Brave’ Poem After Poll Defeat, Sends Message of Strength to TMC Cadre
ममता बनर्जी - फोटो : अमर उजाला प्रिंट

विस्तार

पश्चिम बंगाल में चुनावी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने कार्यकर्ताओं को एक भावुक और प्रेरणादायक संदेश दिया है। उन्होंने मंगलवार को 'बहादुर' नाम की एक कविता साझा की। जिसमें साहस, आत्मविश्वास और संघर्ष की भावना को प्रमुखता दी गई है।

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कविता में दिया हौसले का संदेश
ममता बनर्जी की कविता की शुरुआत इन शब्दों से होती है 'बहादुर और मजबूत बनो' यानी साहसी और मजबूत बनो। कविता में उन्होंने लिखा कि आत्मविश्वास के साथ कोई भी मुश्किल आपको तोड़ नहीं सकती। उन्होंने मुस्कुराहट को मानसिक ताकत बताते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी मुस्कुराना ही असली शक्ति है।
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हार के बाद कार्यकर्ताओं के लिए संदेश
हाल ही में हुए चुनाव में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में निराशा देखी जा रही थी। ऐसे समय में ममता बनर्जी की यह कविता एक प्रेरक संदेश के रूप में देखी जा रही है। उन्होंने अपनी कविता में यह भी कहा कि जीवन में इंसान अकेला आता है और अकेला ही जाता है, लेकिन उसके अच्छे कार्य हमेशा याद रखे जाते हैं।
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सोशल मीडिया पर वायरल हुई कविता
कविता सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। टीएमसी समर्थकों ने इसे हौसला बढ़ाने वाला संदेश बताया, जबकि पार्टी नेताओं ने इसे कठिन समय में प्रेरणा का स्रोत कहा। टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने भी इस कविता की सराहना करते हुए कहा कि यह कविता डर और निराशा के समय में साहस का संदेश देती है।


ममता बनर्जी की साहित्यिक पहचान
ममता बनर्जी राजनीति के साथ-साथ साहित्य और कला में भी सक्रिय रहती हैं। उन्होंने कई किताबें, कविताएं और लेख लिखे हैं। साथ ही वे चित्रकला और गीत लेखन में भी रुचि रखती हैं। उनकी यह नई कविता एक बार फिर दिखाती है कि वह राजनीतिक संघर्ष के साथ-साथ रचनात्मक अभिव्यक्ति को भी अपना माध्यम बनाती हैं।

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