अब बंगाल के स्कूलों में पढ़ाया जाएगा सिंगुर आंदोलन
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अब वह दिन दूर नहीं जब बंगाल के स्कूली छात्र सिंगुर आंदोलन के बारे में ज्ञान प्राप्त करते नजर आएं। दरअसल हुगली जिले के सिंगुर की जमीन पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उत्साहित ममता बनर्जी सरकार अब सिंगुर आंदोलन को पश्चिम बंगाल के स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने जा रही है।
शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने शनिवार को कहा कि हम सिंगुर आंदोलन को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहते हैं। इस मुद्दे पर संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि सिंगुर आंदोलन को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए पाठ्यक्रम समिति को शीघ्र ही सरकार की ओर से एक प्रस्ताव भेजा जाएगा।
ममता के आंदोलन के कारण टाटा को छोड़ना पड़ा बंगाल
इससे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सिंगुर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मील का पत्थर करार दिया था। अदालत ने राज्य की पूर्व वाममोर्चा सरकार की ओर से टाटा की नैनो परियोजना के लिए अधिगृहीत जमीन किसानों को लौटाने का निर्देश दिया है।
ममता ने कहा था कि उन्होंने इस फैसले के लिए 10 साल तक इंतजार किया है और अब वे चैन से मर सकती हैं।
बता दें कि ममता बनर्जी की अगुवाई में शुरू हुए अधिग्रहण विरोधी आंदोलन की वजह से ही टाटा मोटर्स को यहां से अपनी परियोजना समेट कर गुजरात जाना पड़ा था।