Bengal: पंचायत चुनाव में महिलाओं पर अत्याचार के खिलाफ विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश करेगी BJP, TMC का पलटवार
Bengal: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को कहा कि वह ग्रामीण चुनाव के दौरान कथित हिंसा और राज्य में महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों पर तत्काल चर्चा की मांग को लेकर इस सप्ताह पश्चिम बंगाल विधानसभा में दो स्थगन प्रस्ताव लाएगी।
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को कहा कि वह ग्रामीण चुनाव के दौरान कथित हिंसा और राज्य में महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों पर तत्काल चर्चा की मांग को लेकर इस सप्ताह पश्चिम बंगाल विधानसभा में दो स्थगन प्रस्ताव लाएगी। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने पलटवार करते हुए भगवा पार्टी के आरोपों को 'झूठ का पुलिंदा' करार दिया और दावा किया कि वह राज्य में स्थिति को अशांत बनाने की कोशिश कर रही है।
विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी (भाजपा) ने मंगलवार को विधानसभा हॉल के बाहर पत्रकारों से कहा कि पार्टी को उम्मीद है कि विधानसभा स्पीकर बिमान बंदोपाध्याय दो प्रस्तावों को अनुमति देंगे ताकि इस महीने की शुरुआत में हुए पंचायत चुनाव में सत्तारूढ़ टीएमसी द्वारा कथित हिंसा और धांधली को बहस के जरिए सामने लाया जा सके।
उन्होंने कहा कि यह इस बात पर भी प्रकाश डालेगा कि कैसे प्रशासन ने एक दल के पक्ष में काम किया और विधानसभा के समक्ष आधिकारिक तौर पर जांच के दायरे में रखा गया। दूसरा स्थगन प्रस्ताव राज्य के विभिन्न हिस्सों में महिलाओं के खिलाफ कथित अत्याचारों, विशेष रूप से मालदा में दो आदिवासी महिलाओं को निर्वस्त्र किए जाने और हावड़ा जिले के पांचला में आठ जुलाई को ग्रामीण चुनाव की तारीख पर भाजपा ग्राम सभा के एक उम्मीदवार की परेड के मद्देनजर पेश किया जाएगा।
भाजपा विधायक शंकर घोष ने बताया कि उनके पार्टी के विधायक बिशानू पद रॉय के निधन के कारण मंगलवार को सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई और दोनों प्रस्तावों का नोटिस नहीं दिया जा सका। पीठ ने कहा, 'हम दोनों प्रस्तावों के लिए इस सप्ताह तक नोटिस देंगे ताकि इस पर जल्द से जल्द चर्चा हो सके। दोनों मुद्दे गंभीर हैं।'
मणिपुर हिंसा के बारे में स्थगन प्रस्ताव पेश करने के तृणमूल कांग्रेस के फैसले के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने कहा कि हम इसका विरोध करेंगे और प्रस्ताव को रद्द करने की मांग करेंगे क्योंकि इस मुद्दे को उच्चतम न्यायालय देख रहा है। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने इसी आधार पर भगवा पार्टी की याचिका खारिज कर दी थी जब वह शिक्षक भर्ती घोटाले पर स्थगन प्रस्ताव पेश करना चाहती थी। उन्होंने जोर देकर कहा, दो मापदंड नहीं होने चाहिए।