तो क्या ये है नोटबंदी के स्टिंग का सच, वीडियो जारी करने वाली वेबसाइट पर उठ रहे कई सवाल
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- विपक्षी दलों की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्टिंग के वीडियो को जारी किया।
- वीडियो को न्यूज वेबसाइट से डाउनलोड किया गया।
- ये लंदन की एक न्यूज वेबसाइट है।
- ट्राइकलर न्यूज नेटवर्क को केवल एक शेयरधारक और निदेशक द्वारा शुरू किया गया था।
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विस्तार
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने मंगलवार को एक वीडियो जारी कर ये दावा किया था कि नोटबंदी के बाद भी 40 फीसदी कमीशन के साथ करेंसी नोट बदले गए थे। विपक्षी दलों की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा गया कि, देश की जनता का पैसा लूटा गया है और ये देशद्रोह है।
इस वीडियो में कथित तौर पर दिखाया गया है कि अहमदाबाद के पास भाजपा के एक कार्यकर्ता ने 40 फीसदी कमीशन के बदले पांच करोड़ रुपये मूल्य के चलन से बाहर हो चुके करेंसी नोट बदले थे। हालांकि कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने वीडियो को सत्यापित करने और इसकी जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया और कहा कि इसे एक समाचार पोर्टल से डाउनलोड किया गया है।
सिब्बल ने कहा, "मैं इसे कैसे सत्यापित कर सकता हूं? मैं इस वीडियो का मालिक नहीं हूं। ये वेबसाइट में है। आप बातचीत देख सकते हैं। व्यक्ति को देख सकते हैं। आप व्यक्ति को बात करते हुए देख सकते हैं। आप अदला बदली देख सकते हैं। आप उनकी भाषा देख सकते हैं। आप नोट देख सकते हैं। लेकिन अब भी अगर आपको संदेह है, तो ये आप पर निर्भर करता है।"
ये वही वेबसाइट है जिसने 21 जनवरी, 2019 को हुई लंदन प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो जारी किया था। इस प्रेस कांन्फ्रेंस में सिब्बल भी थे। इसी वीडियो में अमेरिका के एक विशेषज्ञ ने दावा किया था कि भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनावों को जीतने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) हैक की थीं। लेकिन बाद में चुनाव आयोग ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया था।
अंग्रेजी समाचार पत्र इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस वीडियो को बनाने वाली कंपनी का नाम ट्राइकलर है। जब अखबार के रिपोर्टर ने वेबसाइट के फेसबुक पेज पर दिए नंबर पर फोन किया तो कैथरीन नामक महिला ने फोन उठाया। उसने बताया, "हमने जनवरी से अप्रैल, 2017 के बीच (नोटबंदी) स्टिंग ऑपरेशन करने के लिए कनाडा से एक टीम भेजी थी।"
जब उनसे पूछा गया कि स्टिंग को किसने किया? तो कैथरीन ने कहा, "मुझे लगता है कि आप अपने प्रधानमंत्री की खुफिया एजेंसी के रूप में काम कर रहे हैं।" सिब्बल के अलावा इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे, गुलाम नबी आजाद, आरजेडी के मनोज झा और लोकतांत्रिक जनता दल के शरद यादव और कुछ अन्य विपक्षी नेता मौजूद थे।
गौरतलब है कि ट्राइकलर न्यूज नेटवर्क को केवल एक शेयरधारक और निदेशक द्वारा शुरू किया गया था। इस निदेशक का नाम डायना इरिना बिकीन है। जो रोमानिया की नागरिक है। डायना का कोई मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं हो पाया है। लेकिन उसकी लिंक्डइन प्रोफाइल मिली है, जिसमें वो खुद को 'ट्राइकलर न्यूज नेटवर्क' की निदेशक बता रही है।
इस न्यूज नेटवर्क ने ट्विटर हैंडल इसी साल जनवरी में शुरू किया है। अभी भी इस न्यूज वेबसाइट ने दो हजार के करीब ट्वीट किए हैं। इसने सिब्बल की प्रेस कांफ्रेंस के वीडियो को भी पोस्ट किया है। वहीं फेसबुक पेज में डायना ने खुद को टीम का हिस्सा बताया है।
डायना ट्राइकलर द्वारा पब्लिश की गई न्यूज स्टोरी को ही पोस्ट करती है, जो अधिकतर हिंदी में हैं। डायना ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का आधिकारिक पेज लाइक किया हुआ है। इसके अलावा उसने कांग्रेस की पंजाब इकाई, आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई और आम आदमी पार्टी के नेता और कॉमेडियन भगवंत मान, पंजाबी कॉमेडियन बिन्नू ढिल्लन और यूट्यूबर ध्रुव राठी का पेज लाइक किया हुआ है।
इसके अलावा इस न्यूज वेबसाइट की एक अन्य कर्मचारी की लिंक्डन प्रोफाइल मिली है। जिसका नाम क्रिस्टीन स्टीन है। उसकी प्रोफाइल में लिखा है कि वह लंदन में रहती है और ट्राइकलर में टीवी पत्रकार है। उसने अपने इंस्टाग्राम में खुद को 'अभिनेत्री/टीवी पत्रकार/प्रस्तुतकर्ता' बताया है। उसकी इंस्टाग्राम प्रोफाइल में लिखा है कि वह ना केवल ट्राइकलर बल्कि लंदन स्थित रिफलेक्शन टैलेंज एजेंसी से भी जुड़ी है।
मंगलवार रात इस न्यूज वेबसाइट में मुख्य न्यूज स्टोरीज थीं- रविशंकर प्रसाद के लिए पटना एयरपोर्ट पर लगे वापस जाओ के नारे, कांग्रेस नेता का दावा- पंजाब-राजस्थान के बीच चले आईपीएल मैच में दर्शकों ने लगाए चौकीदार चोर है के नारे और स्टिंग वाला वीडियो।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस पर प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, "एक नकली बीएसवाई डायरी, एक नकली स्टिंग। जब कोई असली मुद्दे ना हो, नकली पर भरोसा... क्या लंदन वाली वीडियो और यूपीए के नकली स्टिंग का निर्माता एक ही है? हर चुनाव को थोड़े से हास्य की जरूरत होती है।"