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बेगुसरायः 7 साल पहले गायब हो गया था किशन.. 14 साल की उम्र में लौटा मां के पास
amarujala.com- Presented by: जया पाण्डेय
Updated Fri, 31 Mar 2017 09:16 AM IST
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शबनम और राजू
- फोटो : Indian Express
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बिहार के बेगूसराय में एक 14 साल का लड़का चर्चा का विषय बना हुआ है। बेगूसराय वापस आए इस लड़के को शबनम अपना बेटा राजू बता रही है। शबनम ने दावा किया कि किशन नाम का लड़का जो बेगुसराय वापस आया है वो उसका बेटा राजू है जो 7 साल पहले गायब हो गया था।
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शबनम का कहना है कि 7 साल पहले राजू अपने दोस्त के साथ मेला देखने गया था। मेले में वो गायब हो गया था। शबनम अपने बेटे के लौट आने से बहुत खुश हैं। शबनम बताती हैं कि बेटे का लौट आना उनके लिए नए जन्म से कम नहीं है।
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पुलिस ने भी इस बात की पुष्टि की है कि शबनम ने 2009 में फुलवारिया पुलिस स्टेशन में अपने बेटे की गुमशुदगी का रिपोर्ट दर्ज करवाया था। स्टेशन इंचार्ज रंजीत रंजन ने बताया कि अब इस केस को बंद कराने के लिए शबनम को थाने में आकर लिखित में ये देना चाहिए कि उनका बेटा वापस आ गया है।
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मां से बेटे के मिलने का किस्सा भी काफी जुदा है। पिछले साल सितंबर में शबनम ने अपने घर में मोहम्मद अरमान और उसकी पत्नी रोजी खातून को कमरा किराए पर दिया था। दिसंबर में अरमान घर पर एक 14 साल का लड़का लाया और उसे घर में रखने की बात की।
अरमान ने बताया कि लड़के ने उससे बताया है कि वो बेगुसराय से आया है और काम चाहता है। उसने उसे काम पर लगवा दिया। शबनम उस बच्चे को देख नहीं पाई क्योंकि अरमान उस बच्चे के साथ तड़के ही निकल जाता है और देर रात वापस आता था, लेकिन 9 जनवरी को किशन काम पर नहीं गया शबनम ने जैसे ही उसे देखा दौड़कर उसे अपने गले लगा लिया।
लेकिन जैसे ही उसने उसे राजू नाम से बुलाया तो बच्चे ने कहा कि उसका नाम किशन है। शबनम ने उससे उसके माता-पिता के बारे में पूछा तो उसने बताया कि उसकी मां दुबली-पतली सी हैं। लेकिन उसे उनका चेहरा याद नहीं था। शबनम ने उसे पुरानी तस्वीरें दिखाई तो वो उसे पहचान पाया। उसने अपने बचपन के दोस्तों को भी पहचाना।
राजू ने बताया कि जब उसका अपहरण किया गया था तो एक आदमी ने उसे वाराणसी पहुंचा दिया था। जहां उसने कई घरों में नौकर का काम किया। उसने बताया कि उसका पहला मालिक उसे किशन से नाम बुलाता था। तब से वो किशन बन गया।