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#ladengecoronase: सेना ने नर्सों की कमी पूरी करने को कोविड केयर सेंटरों में तैनात किए बीएफएनए
Sat, 15 May 2021 03:52 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 15 May 2021 03:52 AM IST
सार
- इस मॉडल को अपनाकर कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर में नर्सों की कमी को दूर किया जा सकता है।
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नर्स
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारतीय सेना ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में मुकाबले के लिए बैटलफील्ड नर्सिंग असिस्टेंटों (बीएफएनए) को भी मैदान में उतार दिया है। ये नर्सिंग सहायक सेना के कोविड केयर सेंटरों पर तैनात किए गए है ताकि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर में नर्सों की कमी को दूर किया जा सके। सेना ने सुझाव दिया है कि इस मॉडल का पालन राज्य सरकारें और अस्पताल भी कर सकते हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह बात कही।
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डिप्टी चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड स्टाफ (चिकित्सा) लेफ्टिनेंट जनरल माधुरी कानितकर का मानना है कि बीएफएनए युद्ध के दौरान अस्पतालों में घायल सैनिकों के इलाज में मदद के लिए तैयार किए जाते हैं। ये युद्ध की स्थिति में इंजेक्शन लगाने, सांस लेने में मदद करने जैसी आम बुनियादी स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं देने के लिए प्रशिक्षित होते हैं।
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लेफ्टिनेंट जनरल कानितकर ने कहा कि बीएफएनए युवा स्वयंसेवकों को भी प्रशिक्षित कर सकते हैं ताकि प्रशिक्षित नर्सों के ऊपर से काम का बोझ हल्का किया जा सके। ऐसे में प्रशिक्षित नर्सों को महामारी के खिलाफ लड़ाई में ज्यादा अहम कार्यों में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
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उन्होंने कहा, सशस्त्र बल ‘ऑप्स को-जीत (सेना, वायु सेना व नौसेना का महामारी के खिलाफ संयुक्त अभियान)’ को तेज करने के लिए हर तरीके के उपलब्ध संसाधन का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी कारण कोविड केयर सेंटरों पर बीएफएनए को तैनात किया गया है।
उन्होंने कहा कि सैन्य बल अपने कर्मियों और संसाधनों का इस्तेमाल करके संकट के समय जरूरतमंदों की सहायता करने में राज्य प्रशासन की भी मदद कर रहे हैं। हालांकि, परीक्षा की इस घड़ी में और ज्यादा मेहनत की आवश्यकता है, इसलिये राज्य सरकारों की मदद के लिए समाज से और ज्यादा स्वयंसेवकों के आगे आने की जरूरत है।
लेफ्टिनेंट जनरल कानितकर ने कहा कि हमने ऐसा मैकेनिज्म बनाया है, जहां 25 मरीजों के लिए एक देखभाल करने वाला उपलब्ध रहे। कोविड-19 की मौजूदा लहर को पहले ही युद्ध के बराबर दर्जा किदया जा चुका है और इसी कारण सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन ‘को-जीत’ शुरू किया था।