{"_id":"589c00c84f1c1bc05537aaf2","slug":"bathing-story-of-manmohan-singh","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अब मनमोहन सिंह के नहाने का किस्सा भी जान लीजिए ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
अब मनमोहन सिंह के नहाने का किस्सा भी जान लीजिए
बीबीसी हिंदी. कॉम के लिए
Updated Thu, 09 Feb 2017 11:14 AM IST
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राज्यसभा में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के 'नहाने की कला' पर जो कुछ कहा उसपर काफी हंगामा मचा, कांग्रेस ने सदन से वाकआउट कर दिया। मगर मनमोहन सिंह के नहाने का जिक्र 12 साल पहले न्यूजवीक में एक लेख में हुआ था।
विज्ञापन
इसमें ये तो नहीं लिखा कि वो रेनकोट पहनकर नहाते थे या नहीं, पर ये जरूर लिखा कि वो कैसे नहाते थे। न्यूजवीक के संपादक फरीद जकारिया ने 2004 में अपने एक लेख में लिखा था कि अर्थशास्त्री जगदीश भगवती अपने सहपाठी मनमोहन सिंह के बारे में ये कहा करते हैं - "हम दोनों केम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में साथ पढ़ते थे,
विज्ञापन
और मुझे एक गरीब किसान परिवार से आए उस नौजवान की बात छू गई जो हर सुबह चार बजे ठंडे पानी से नहाता था - इंग्लैंड की उस ठंड में!" भगवती कहते हैं, "मुझे तभी लगा था कि ये किसी मुकाम पर जाएगा।"
विज्ञापन
Trending Videos
मनमोहन का सफर
1956-57 के वर्षों में केम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में अपने सहपाठी के बारे में की गई जगदीश भगवती की ये भविष्यवाणी सच साबित हुई। केम्ब्रिज से लौट मनमोहन नें पहले पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाया, फिर डी। फिल के लिए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी गए, अंकटाड (यूनाईटेड नेशन्स कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रेड एंड डेवलपमेंट) में काम किया, डेल्ही स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाया, वित्त मंत्रालय में सचिव बने, योजना आयोग गए,
1982 में रिजर्व बैंक के गवर्नर बने, योजना आयोग के उपाध्यक्ष का पद संभाला, वी पी सिंह सरकार में प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार रहे, यूजीसी के चेयरमैन बने और तब उनका राजनीति में आगाज हुआ। 1991 में पी वी नरसिम्हा राव ने उन्हें अपनी सरकार में वित्त मंत्री बनाने का फैसला किया। उस दिन को याद करते हुए मनमोहन सिंह ने बीबीसी के पूर्व पत्रकार सर मार्क टली को एक इंटरव्यू में कहा था,"वो जिस दिन अपनी कैबिनेट बना रहे थे, उन्होंने अपने प्रिंसिपल सेक्रेट्री को मेरे पास भेजा जिसने मुझे कहा - प्रधानमंत्री चाहते हैं कि आप वित्तमंत्री बनें।
मैंने सोचा वो ऐसे ही कह रहे हैं। अगले दिन वो मेरे पास फिर आए, बल्कि थोड़े गुस्साए भी लगे, उन्होंने मुझसे कहा कि मैं तैयार हो जाऊं और शपथ लेने के लिए राष्ट्रपति भवन चलूँ। और कुछ ऐसे राजनीति में मेरा प्रवेश हुआ।" मनमोहन सिंह 1991 से 1996 तक भारत के वित्तमंत्री रहे और अंततः 2004 में भारत के प्रधानमंत्री बने।
1982 में रिजर्व बैंक के गवर्नर बने, योजना आयोग के उपाध्यक्ष का पद संभाला, वी पी सिंह सरकार में प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार रहे, यूजीसी के चेयरमैन बने और तब उनका राजनीति में आगाज हुआ। 1991 में पी वी नरसिम्हा राव ने उन्हें अपनी सरकार में वित्त मंत्री बनाने का फैसला किया। उस दिन को याद करते हुए मनमोहन सिंह ने बीबीसी के पूर्व पत्रकार सर मार्क टली को एक इंटरव्यू में कहा था,"वो जिस दिन अपनी कैबिनेट बना रहे थे, उन्होंने अपने प्रिंसिपल सेक्रेट्री को मेरे पास भेजा जिसने मुझे कहा - प्रधानमंत्री चाहते हैं कि आप वित्तमंत्री बनें।
मैंने सोचा वो ऐसे ही कह रहे हैं। अगले दिन वो मेरे पास फिर आए, बल्कि थोड़े गुस्साए भी लगे, उन्होंने मुझसे कहा कि मैं तैयार हो जाऊं और शपथ लेने के लिए राष्ट्रपति भवन चलूँ। और कुछ ऐसे राजनीति में मेरा प्रवेश हुआ।" मनमोहन सिंह 1991 से 1996 तक भारत के वित्तमंत्री रहे और अंततः 2004 में भारत के प्रधानमंत्री बने।