लव मैरिज कर भागी बेटी को विधायक पिता से डर, अगर हाथ आ गए तो पक्का मार दिए जाएंगे
भारतीय जनता पार्टी के एक विधायक के खिलाफ उनकी ही बेटी उतर आई है। बेटी ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर आरोप लगाया है कि अपनी मर्जी से शादी करने की वजह से उसके पिता उसकी हत्या करना चाहते हैं। साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट याचिका भी दायर की है। हालांकि, विधायक ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनकी बेटी बालिग है और हमें उसके किसी भी फैसले पर आपत्ति नहीं है। बता दें कि अजितेश अनुसूचित जाति का है।
गुरुवार को सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने के बाद साक्षी खुद पेश नहीं हो सकी। याची के पेश न होने से अब इसकी सुनवाई 15 जुलाई को होगी। दायर याचिका में कहा गया है कि उसने अपनी पसंद से अजितेश के साथ शादी कर ली है। याचिका में शादी के खिलाफ अपने पिता व परिवार के दूसरे लोगों से जान का खतरा बताया गया है। दोनों के शांतिपूर्ण जीवन में किसी के हस्तक्षेप पर रोक लगाने की मांग की गई है। बरेली पुलिस पर विधायक पिता के दबाव में काम करने का आरोप लगाया गया है। याची ने डीएम और एसएसपी से शिकायत की लेकिन सुरक्षा नहीं दी गई।
यह है मामला
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले की बिथरी चैनपुर से विधायक राजेश कुमार मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल पर उनकी ही बेटी साक्षी ने आरोप लगाया है कि वह उसकी और उसके पति की हत्या करवा सकते हैं। साक्षी का कहना है ऐसा इसलिए क्योंकि उसने अपनी मर्जी से एक अनुसूचित जाति के युवक अजितेश कुमार के साथ भागकर शादी कर ली। साक्षी अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर बरेली पुलिस के पास भी गई हैं। साक्षी का कहना है कि उसके पिता राजेश मिश्रा और उनके लोग दोनों के पीछे पड़े हैं और अजितेश के परिवार वालों को धमका रहे हैं।
अगर हाथ आ गए तो पक्का मार दिए जाएंगे : साक्षी
यह मामला सामने तब आया जब साक्षी और अजितेश ने फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया। इस वीडियो साक्षी और अजितेश नजर आते हैं। वीडियो में साक्षी कहती हैं कि उन्होंने अपनी मर्जी से शादी की है, जिसके बाद उसके परिवार के लोग उन दोनों के पीछे पड़े हैं। अगर हम उनके हाथ आ गए तो हमें पक्का मार दिया जाएगा। साक्षी और अजितेश ने भागकर प्रयागराज के एक मंदिर में शादी कर ली थी।
इसके बाद साक्षी ने फेसबुक पर ही एक और वीडियो पोस्ट किया। इसमें वह अकेले थीं। इसमें वह अपने पिता से कहती हैं, 'मैंने सिंदूर फैशन में नहीं गला रखा है। मैंने सच में शादी की है। मेरे पति के परिवार को परेशान करना बंद कर दें। आप राजनीति करें, अपनी सोच बदलें और मुझे आजाद रहने दें। बरेली के सांसद, विधायक और मंत्री, जो मेरे पिता का सहयोग कर रहे हैं, वह बंद कर दें।'
बेटी बालिग है, उसका हर फैसला स्वीकार : विधायक
साक्षी और अजितेश आज एक टीवी न्यूज चैनल पर भी नजर आए। कार्यक्रम में विधायक राजेश मिश्रा भी फोन लाइन पर मौजूद थे। यहां भी साक्षी ने अपने पिता पर वही आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पिता ने कभी उसे अपने मन की नहीं करने दी। साक्षी का कहना है कि उसे अपने फैसले खुद लेने का अधिकार है। उसने अपनी मर्जी से अजितेश से शादी की है और इसमें वह अपने पिता की दखलअंदाजी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। भले ही उसे इसके लिए अदालत की क्यों न जाना पड़े। साक्षी ने यह आरोप भी लगाया कि वह सुरक्षा की मांग को लेकर पुलिस के पास भी गई थी, लेकिन पिता के दबाव की वजह से पुलिस ने उनकी मदद नहीं की।
वहीं, दूसरी ओर साक्षी के पिता राजेश मिश्रा का कहना है कि उनकी बेटी बालिग है और उसे अपने फैसले लेने का हक है। उन्होंने या परिवार के किसी सदस्य ने किसी को भी जान से मारने की धमकी नहीं दी है। उनका कहना है कि उनकी बेटी को उनकी ओर से कोई खतरा नहीं है। वह जो चाहे कर सकती है, जहां चाहे रह सकती है।
राजेश मिश्रा ने इसे लेकर बाकायदा एक प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की है। इसमें लिखा है, 'मेरे खिलाफ मीडिया में जो चल रहा है, यह सब गलत है। बेटी बालिग है, उसको निर्णय लेने का अधिकार है, मैंने किसी को जान से मारने की धमकी नहीं दी है, न ही मेरे किसी आदमी या परिवार के व्यक्ति ने धमकी दी है। मैं और मेरा परिवार अपने काम में व्यस्त हैं, मैं अपनी विधानसभा में जनता का कार्य कर रहा हूं व पार्टी (भाजपा) का सदस्यता अभियान चला रहा हूं। मेरी तरफ से किसी को कोई खतरा नहीं है।'
जिस मंदिर में शादी की वहां के पुजारी ने कहा फर्जी है मैरिज सर्टिफिकेट
वहीं, दूसरी ओर चर्चा है कि साक्षी ने जिस मंदिर में शादी करने का दावा किया है, वहां के मुख्य पुजारी ने ने उनके मैरिज सर्टिफिकेट को फर्जी बताया है। पुजारी का कहना है कि मंदिर में कोई विवाह नहीं कराया जाता है और मंदिर के नाम से जारी प्रमाणपत्र जाली है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे साक्षी मिश्रा के मैरिज सर्टिफिकेट के अनुसार उनकी शादी प्रयागराज के बेगम सराय में स्थित रामजानकी मंदिर में स्थित दुर्गा देवी मंदिर परिसर में हुआ था। इसके मुताबिक अजितेश और साक्षी का विवाद चार जुलाई की शाम को मंदिर परिसर में वैदिक हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार किया गया। इस विवाह प्रमाणपत्र पर दो गवाहों आयुष कुमार और सुधीर कुमार के हस्ताक्षर भी हैं। इसमें लिखा है कि पुजारी विश्वपति शुक्ला ने अनुष्ठान संपन्न कराए।