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सियासत: कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहुत दुलारे थे बाबुल सुप्रियो, अब छोड़ गए राजनीति
Sun, 01 Aug 2021 12:26 AM IST
Jeet Kumar
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 01 Aug 2021 12:26 AM IST
सार
- पश्चिम बंगाल चुनाव में ही लिख दी गई थी पटकथा
- बंगाल चुनाव में उम्मीदवार बने बाबुल को सफलता नहीं मिल पाई
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बाबुल सुप्रियो और पीएम मोदी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
असम के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्रीय मंत्री सर्बानंदा सोनोवाल, कानून मंत्री किरण रिजिजू की तरह ही पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दुलारों में गिन जाते थे, लेकिन पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उनके राजनीति के अवसान की पटकथा लिख दी गई थी। बाबुल सुप्रियो न केवल राजनीति को अलविदा कह रहे हैं, बल्कि वह सांसद के पद से इस्तीफा देंगे और सरकारी आवास भी एक महीने के भीतर छोड़ देंगे।
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सिलिगुड़ी से दिल्ली आकर चिकित्सा सेवा में जम गए प्रो. राम के मुताबिक पूर्व केंद्रीय मंत्री को विधानसभा चुनाव में उतारने और उन्हें हारने वाली सीट से प्रत्याशी बनाने का निर्णय ही इसे बताने के लिए काफी था। प्रो. राम कहते हैं कि उन्हें कोई आश्चर्य नहीं हुआ, जब वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल से भी बाहर कर दिए गए।
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प्रो. राम की तरह ही पश्चिम बंगाल की भाजपा महिला विंग की एक नेता का भी कहना है कि विधानसभा चुनाव के दौरान की स्थितियों ने बाबुल सुप्रियो को दुखी कर दिया था। वह कहती हैं कि बाबुल सुप्रियो के क्षेत्र में तृणमूल से आए नेता के समर्थक को उम्मीदवार बना दिया गया। जिसे उम्मीदवार बनाया गया था, वह तो चुनाव हारे ही और बाबुल सुप्रियो को भी सफलता नहीं मिल पाई।
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वह बताती हैं कि यहां तक तो गनीमत थी, लेकिन इसके बाद सुवेंदु अधिकारी को मिल रही तवज्जो ने अंदरुनी हालात को काफी खराब कर दिया है। इन्ही कारणों के चलते मुकुल राय समेत तमाम भाजपा नेताओं ने पार्टी को छोड़ दिया है।
पश्चिम बंगाल भाजपा के सूत्र बताते हैं कि मंत्री पद जाने के बाद से देबाश्री चौधुरी भी परेशान चल रही हैं। उन्हें भाजपा के अंदरुनी हालात कुछ कम समझ में आ रहे हैं। पश्चिम बंगाल भाजपा के एक उपाध्यक्ष कहते हैं कि उन्हें तो पहले से इसका अंदेशा था।
उनके जैसे तमाम नेता उम्मीद कर रहे थे कि विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाए जाएंगे। लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने तृणमूल से आए नेताओं को ज्यादा महत्व दिया। अब जब पार्टी पश्चिम बंगाल में सरकार नहीं बना पाई है तो पैदा हुए हालात की प्रतिक्रिया भी सामने आ रही है।
सूत्र का कहना था कि बाबुल सुप्रियो तो कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ब्लू आई ब्वॉय कहे जाते थे। अब उन्होंने इस्तीफा दे दिया है तो इससे स्थिति की गंभीरता को आसानी से समझा जा सकता है।