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BJP MP के गंभीर होने पर जाल से मुक्त हुए बाबा साहब, पुलिस ने लोहे के पिंजड़े में कर दिया था कैद
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
Updated Fri, 13 Apr 2018 05:15 AM IST
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बीआर आंबेडकर प्रतिमा
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शहर के गद्दी चौक स्थित आंबेडकर पार्क में लगी बाबा साहब डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा को जाल के बने पिजड़े में कैद कर दिया गया था। मालवीय आवास गृह पर अनशन के दौरान भाजपा सांसद ने डॉ. अंबेडकर प्रतिमा को मुक्त कराने का एलान किया तो प्रशासन हरकत में आ गए। प्रशासन के कहने पर इलाके के सभासद ने लोहे का पिंजरा हटवाकर डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को मुक्त कर दिया। हालांकि बाद में प्रशासन ने इससे पल्ला झाड़ लिया।
शहर के गद्दी चौक स्थित पार्क में लगी डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा को पुलिस ने लोहे के पिंजड़े में कैद करा दिया था। पिंजड़े की कीमत आसपास के दुकानदारों से वसूली गई। गुरुवार को कचहरी स्थित मालवीय आवास गृह पर भाजपा का अनशन था। इस बात का पता लगने पर अनशन में पहुंचे सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने गद्दी चौक तक पैदल मार्च करने और डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा को आजाद कराने का एलान किया।
इस पर पुलिस और प्रशासन के हाथपांव फूल गए। पुलिस-प्रशासन ने गोपनीय तौर पर जाल हटवाने को कह दिया। इस पर सांसद ने अपना फैसला बदल दिया। इसके बाद इलाके के सभासद ने लोहे का जाल हटवाकर डॉ. आंबेडकर को मुक्त करा दिया। सभासद का कहना है कि उन्होंने जाल पुलिस-प्रशासन के कहने पर हटवाया है।
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अजय कुमार श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन- इसमें प्रशासन का कोई हस्तक्षेप नहीं है। प्रशासन को बगैर अवगत कराए जाल लगाया गया था, और बिना बताए ही हटा दिया गया।
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शहर के गद्दी चौक स्थित पार्क में लगी डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा को पुलिस ने लोहे के पिंजड़े में कैद करा दिया था। पिंजड़े की कीमत आसपास के दुकानदारों से वसूली गई। गुरुवार को कचहरी स्थित मालवीय आवास गृह पर भाजपा का अनशन था। इस बात का पता लगने पर अनशन में पहुंचे सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने गद्दी चौक तक पैदल मार्च करने और डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा को आजाद कराने का एलान किया।
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इस पर पुलिस और प्रशासन के हाथपांव फूल गए। पुलिस-प्रशासन ने गोपनीय तौर पर जाल हटवाने को कह दिया। इस पर सांसद ने अपना फैसला बदल दिया। इसके बाद इलाके के सभासद ने लोहे का जाल हटवाकर डॉ. आंबेडकर को मुक्त करा दिया। सभासद का कहना है कि उन्होंने जाल पुलिस-प्रशासन के कहने पर हटवाया है।
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अजय कुमार श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन- इसमें प्रशासन का कोई हस्तक्षेप नहीं है। प्रशासन को बगैर अवगत कराए जाल लगाया गया था, और बिना बताए ही हटा दिया गया।