फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Baba Ramdev Calls US Tariff Policy 'Economic Terrorism' Against India; Stresses on Swadeshi Movement

Baba Ramdev: 'अमेरिका की टैरिफ नीति भारत के खिलाफ आर्थिक विश्व युद्ध जैसी’, रामदेव ने स्वदेशी पर दिया जोर

Sun, 02 Nov 2025 12:18 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Sun, 02 Nov 2025 12:18 PM IST
सार

योगगुरु बाबा रामदेव ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को भारत के खिलाफ आर्थिक आतंकवाद बताया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी ही इसका जवाब है और यह सभी के उत्थान की राह दिखाता है।

विज्ञापन
Baba Ramdev Calls US Tariff Policy 'Economic Terrorism' Against India; Stresses on Swadeshi Movement
बाबा रामदेव - फोटो : पतंजलि

विस्तार

योगगुरु और पतंजलि आयुर्वेद के सह-संस्थापक बाबा रामदेव ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आर्थिक नीतियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्रंप द्वारा लगाए गए आयात शुल्क (टैरिफ) को भारत समेत कई देशों के खिलाफ आर्थिक आतंकवाद करार दिया। रामदेव ने कहा कि ट्रंप की यह नीति देशों के बीच आर्थिक युद्ध छेड़ने जैसी है, जिसे वे आर्थिक विश्व युद्ध की शुरुआत मानते हैं।

विज्ञापन


बाबा रामदेव ने मीडिया एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि टैरिफ आतंकवाद है, यह बेहद घातक है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अगर कोई तीसरा विश्व युद्ध होगा, तो वह यही आर्थिक युद्ध होगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की नीतियों से गरीब और विकासशील देशों को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। सत्ता और संपत्ति कुछ हाथों में सिमट रही है, जिससे असमानता, अन्याय और शोषण बढ़ेगा।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- ISRO: समुद्र में नौसेना की आंख बनेगा सीएमएस-03, 'बाहुबली' रॉकेट से अंतरिक्ष में भेजा जाएगा सबसे भारी उपग्रह
विज्ञापन
विज्ञापन


स्वदेशी अपनाने का आह्वान
रामदेव ने इस मौके पर स्वदेशी अपनाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अगर दुनिया आर्थिक साम्राज्यवाद की राह पर चल रही है, तो भारत को अपने आत्मनिर्भर रास्ते पर अडिग रहना चाहिए। उन्होंने कहा स्वदेशी केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक दर्शन है। यह आत्मनिर्भरता, आत्मसम्मान और अंतिम व्यक्ति के उत्थान की भावना से जुड़ा है। उन्होंने याद दिलाया कि महर्षि दयानंद सरस्वती, स्वामी विवेकानंद जैसे महान संतों ने भी स्वदेशी को अपनाने की बात कही थी।


रामदेव ने यह भी बताया कि उनकी कंपनी पतंजलि आयुर्वेद और पतंजलि योगपीठ न केवल भारत में बल्कि अमेरिका में भी सक्रिय हैं, जहां योग और आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के लिए केंद्र चलाए जा रहे हैं।

ये भी पढ़ें:- NGT का अहम फैसला: देश के सभी स्कूलों से हटेंगी जहरीली एस्बेस्टस की छतें, बच्चों की सांसों को मिलेगी आजादी

भारत का रुख साफ
हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि देश अपनी ऊर्जा नीति और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा। एमईए प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा भारत का उद्देश्य अपने नागरिकों के हित में स्थिर और सस्ती ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed