नामांकन कक्ष में आजम के मोबाइल इस्तेमाल का हल्ला आयोग तक पहुंचा
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प्रदेश की सियासत में हमेशा चर्चा का विषय बने रहने वाले प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री आजम खां का नाम उपचुनाव में भी गूंज रहा है। चुनाव आयोग तक हल्ला मच गया है। मसला नामांकन कक्ष में उनके मोबाइल फोन इस्तेमाल का तो है ही साथ ही मशीनरी को भी दबाव में लेने का आरोप भी लग रहा है।
मुरादाबाद जनपद की बिलारी सीट पर हो रहे उपचुनाव में मरहूम विधायक हाजी मोहम्मद इरफान के बेटे मोहम्मद फईम किस्मत आजमा रहे हैं। वह अपने वालिद की सियासी जमीन पर खुद को खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं। जिस दिन फईम ने नामांकन कराया था उस दिन कैबिनेट मंत्री आजम खां भी पहुंचे थे। वह फईम के साथ नामांकन कक्ष में पूरा वक्त रहे। मोबाइल पर बात भी कर रहे थे। अब जब वह यहां पहुंचे तो सभी विधायक भी पूरे उत्साह के साथ डटे रहे। मशीनरी पर भी उनका असर यहां नजर आ रहा था।
भाजपा प्रत्याशी सुरेश सैनी ने निर्वाचन आयोग को पत्र भेजकर जो शिकायत की है उसमें कहा है कि कैबिनेट मंत्री इस चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं। सारी मशीनरी को उन्होंने दबाव में ले रखा है। मौजूदा अधिकारियों की मौजूदगी में निष्पक्ष चुनाव की संभावना कम है। निर्वाचन आयोग ने इस मामले में मुरादाबाद प्रशासन से जांच को कहा था।
उपचुनाव में धांधली की आशंका
जिलाधिकारी जुहैर बिन सगीर ने बताया कि निर्वाचन आयोग में शिकायत की गई थी कि कैबिनेट मंत्री नामांकन कक्ष में मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि नामांकन के दौरान जो आरओ थे उन्होंने सभी से कहा भी था कि मोबाइल फोन साइलेंट कर लीजिए। वैसे भी जो नियमावली है उसमें कहीं भी इस बात का उल्लेख नहीं है कि नामांकन कक्ष में मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। मशीनरी पूरी तरह से निष्पक्ष चुनाव कराएगी। कोई भेदभाव नहीं होगा।
बिलारी सीट पर भाजपा प्रत्याशी सुरेश सैनी ने आयोग से जो शिकायत की है उसमें कहा है कि कैबिनेट मंत्री आजम खां चुनाव को प्रभावित कर सकती है। वह लगातार अधिकारियों पर दबाव भी बना रहे हैं। उनका नामांकन कक्ष तक जाने का मकसद ही मशीनरी को प्रेशर में लेना था। वह अब भी लगातार अधिकारियों से चुनाव के बारे में जानकारी कर रहे हैं।