सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, क्या दुनिया की किसी अदालत में बेथहेलम में ईसा मसीह के जन्म जैसे सवाल उठे?
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सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि- बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले की सुनवाई बुधवार दूसरे दिन भी जारी है। सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता प्रक्रिया विफल होने के बाद नियमित सुनवाई का फैसला किया है।
लाइव अपडेट-
न्यायालय ने पूछा: क्या दुनिया की किसी अदालत में बेथहेलम में ईसा मसीह के जन्म जैसे सवाल उठे और उन पर विचार किया गया।
राम लाल विराजमान की ओर से परासरन ने कहा: मैं पता करूंगा और फिर बताऊंगा।
Lawyer K Parasharan, appearing for plaintiff Gopal Visharad, submits to SC at least 3 times in Ramayana, it's mentioned Sri Ram was born in Ayodhya. SC asks, "whether Christ was born in Bethlehem?Has such a question ever arisen in any court?"Parasaran answered he'll have to check pic.twitter.com/RUCo9SaG3K
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 7, 2019
लंच से पहले सुप्रीम कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े से जमीन पर कब्जे के कागजी सबूत मांगे थे, सुप्रीम कोर्ट ने अखाड़े से पूछा कि क्या आपके पास अटैचमेंट से पहले रामजन्मभूमि पर मालिकाना हक का कोई कागजी सबूत या रेवेन्यू रिकॉर्ड हैं?
इसपर निर्मोही अखाड़े ने जवाब दिया कि 1982 में हुई डकैती में सारे रिकार्ड गायब हो गए। सुप्रीम कोर्ट ने निर्मोही अखाड़ा से कहा कि आप दस्तावेज तैयार करें। हम आपको बाद में सुनेंगे। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि निर्मोही अखाड़ा अपना दावा साबित करने के लिये मौखिक, दस्तावेजी साक्ष्यों के मामले में पूरी तरह तैयार नहीं है। अब राम लाल विराजमान की ओर से दलीलों पर वरिष्ठ अधिवक्ता के परासरन सुनवाई शुरू कर चुके हैं।
बता दें कि निर्मोही अखाड़े ने मंगलवार को मजबूती के साथ सुप्रीम कोर्ट में विवादित 2.77 एकड़ जमीन पर दावेदारी पेश की और तर्क दिया कि 1934 से मुस्लिमों का उस स्थान पर प्रवेश नहीं हुआ है।
मामले की सुनवाई कर रही पीठ में न्यायमूर्ति एसए बोबडे, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस ए नजीर भी शामिल हैं।
पीठ ने पिछले शुक्रवार को तीन सदस्यीय मध्यस्थता समिति की रिपोर्ट पर संज्ञान लिया था। इस समिति की अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एफएमआई कलीफुल्ला कर रहे थे। समिति चार महीने की कोशिश के बावजूद किसी सर्वमान्य अंतिम नतीजे पर पहुंच नहीं पाई थी।
CJI Ranjan Gogoi asks Sushil Kumar Jain, lawyer for Nirmohi Akahara, "In the next two hours, we would like to see the oral and documentary evidence."Justice Dhananjay Chandrachud says "show us the original documents,". Jain replied documents are quoted in Allahabad (HC) Judgment. https://t.co/nDbH9mDDPc
— ANI (@ANI) August 7, 2019