इंडिगो के शुल्क पर रेलवे की चुटकी, कहा- "अयोग्य शुल्क" की जगह हमारे साथ सस्ती दरों पर यात्रा करें

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 27 Nov 2018 10:19 AM IST
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इंडिगो द्वारा वेब चेक इन पर शुल्क लगाने के बाद भारतीय रेलवे ने इस पर चुटकी ली है। रेलवे ने इस चुटकी के साथ अपना प्रचार भी कर दिया। रेलवे की तरफ से किए गए एक ट्वीट में कहा गया कि वेब-चेकइन के लिए अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है। यहां आपके सामान की जांच के लिए कोई लंबी कतार नहीं है। 
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बता दें कि मंगलवार को लो कॉस्ट एयरलाइन इंडिगो ने हवाई अड्डों पर वेब चेक-इन सुविधा के लिए शुल्क लगाने के फैसले को वापस ले लिया। कंपनी ने 24 घंटे से पहले ही लोगों में उतरे रोष को देखते हुए बयान को वापस ले लिया। कंपनी ने कहा है कि हवाई अड्डे पर मौजूद यात्री पहले की तरह मुफ्त में चेक-इन करते रहेंगे। हालांकि कोई यात्री अगर चाहे तो वो पहले कुछ शुल्क अदा करके पहले वेब चेक-इन कर सकता है। 
पहले दिया था यह बयान
इंडिगो ने रविवार को घोषणा की थी कि वो एयरपोर्ट पर वेब चेक-इन सुविधा का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को 200 रुपये से लेकर के 800 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। एयरलाइन के इस कदम से देश भर के सभी एयरपोर्ट पर यात्रियों की लंबी लाइन लगने की संभावना है। 

सरकार ने दिया था समीक्षा का भरोसा

लो कॉस्ट एयरलाइन कंपनी इंडिगो द्वारा वेब चेक-इन पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के फैसले पर सरकार जल्द फैसला लेगी। नागर विमानन मंत्रालय ने सोमवार को जारी किए एक वक्तव्य में कहा है कि वो इस पूरे मामले पर रिव्यू कर रही है कि क्या कंपनी ऐसा कर सकती है या फिर नहीं। 

क्या होता है वेब चेक-इन

वेब चेक-इन में यात्रियों को एयरलाइन कंपनियों की वेबसाइट पर सीट लेने की सुविधा मिलती है। इससे यात्री एयरपोर्ट पर लंबी लाइन में लगने से बच जाते हैं। इस सुविधा में यात्रियों को केवल बोर्डिंग पास का प्रिंट मशीन से लेना होता है। यात्रियों को इसमें पहले बीच की सीट मिलती थी। हालांकि विंडो और असाइल सीट के नहीं मिलती थी। इसके लिए एयरपोर्ट पर आकर काउंटर पर लाइन में लगना था। वेब चेक-इन से एयरपोर्ट पर लंबी लाइन लगना कम हो गया था। 

651 करोड़ का हुआ घाटा

गुरुग्राम में मुख्यालय वाली इस एयरलाइंस को जुलाई से सितंबर तक के साल की दूसरी तिमाही में करीब 651 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। हालांकि इसके लिए ईंधन के ऊंचे दामों और रुपये में गिरावट को जिम्मेदार माना गया है। कंपनी के अनुसार, इस घाटे की भरपाई करने के लिए वेब चेक-इन करने पर सीट की स्थिति के हिसाब से 200 से लेकर 800 रुपये तक की वसूली की जाएगी। बता दें कि इससे पहले यह बजट एयरलाइंस विंडो सीट, एक्स्ट्रा लेग रूम जैसी कुछ खास तरह की सीटों के लिए ही वेब चेक-इन करने पर अतिरिक्त शुल्क वसूलती थी।
 
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