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चेतावनी! आईटी रिफंड दिलाने वाले फर्जी मैसेज से बचें, खतरे में आपकी निजी जानकारी
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Wed, 08 Aug 2018 08:18 PM IST
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साइबर सिक्योरिटी एजेंसी सीईआरटी-इन ने लोगों को धोखा देने वाले फर्जी मैसेज से बचने की सलाह दी है। एजेंसी का कहना है कि आयकर विभाग के नाम पर लोगों को लुभाने वाले ऐसे मैसेजेज में कहा जाता है कि आपके रिफंड को मंजूरी मिल मिल गई है। लेकिन इस बहाने लोगों से मांगी गई निजी जानकारी को गलत हाथों में बेच दिया जाता है।
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यह चेतावनी और एक तरह से एडवायजरी ऐसे समय में जारी की जा रही है जब आयकर रिटर्न भरने की आपाधापी मची हुई है। हालांकि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर भरने की समय सीमा 31 अगस्त तक के लिए बढ़ा दी है। हाल ही में कुछ लोगों ने रिफंड दिलाने वाले मैसेज का जिक्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किया था।
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कंप्यूटर सुरक्षा मामलों के प्रति जवाबदेह इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पांस टीम (सीईआरटी-इन) ने कहा कि जैसे ही कोई व्यक्ति इस तरह के मैसेज पर क्लिक करता है, वह गलत हाथों में निजी जानकारी के बेचे जाने के खतरे में पड़ जाता है। इस एडवायजरी में बताया गया है कि इस तरह के फर्जी एसएमएस की कैसे पहचान की जा सकती है। अमूमन ऐसे एसएमएस bit.ly, goo.gl, ow.ly और t.co जैसे यूआरएल से भेजे जाते हैं।
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ऐसे होती है ठगी
एजेंसी के मुताबिक, एसएमएस में कहा जाता है कि आयकर विभाग ने इतनी निश्चित राशि आपको रिफंड करने की मंजूरी दी है और जल्द ही आपके बैंक खाते में यह राशि पहुंच जाएगी। इसमें आपका बैंक खाता नंबर गलत लिखा रहता है।
मैसेज में यह भी कहा जाता है कि आप अपना बैंक खाता नंबर जांच लें और यदि यह गलत है तो नीचे दिए गए लिंक पर अपना बैंक रिकॉर्ड अपडेट कर लें। इसमें bit.ly सबसे कुख्यात है। चूंकि मैसेज में गलत खाता नंबर रहता है इसलिए ग्राहक फंस जाते हैं और इस पर क्लिक करते ही आयकर विभाग की ई-फाइलिंग से मिलती-जुलती एक वेबसाइट खुल जाती है।
इसमें आपको अपना लॉग-इन आईडी तथा पासवर्ड डालने को कहा जाता है। इसके बाद ही साइबर अपराधी आपकी सभी संवेदनशील जानकारी चुराकर इसे गलत हाथों में बेच देते हैं। यहां तक कि आयकर विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज यूजर की जानकारी के साथ भी छेड़छाड़ की जा सकती है।