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कंप्यूटर की निगरानी के लिए एजेंसियों को अधिकृत करना देशहित में : सरकार
Sat, 02 Mar 2019 01:18 AM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Sat, 02 Mar 2019 01:18 AM IST
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केंद्र सरकार ने 10 सरकारी एजेंसियों को किसी भी कंप्यूटर को इंटरसेप्ट व निगरानी करने के लिए अधिकृत करने संबंधी अधिसूचना का बचाव किया है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि यह राष्ट्रहित में किया गया था और इसमें निजता के अधिकार का उल्लंघन नहीं किया गया है।
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गृह मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कहा है कि किसी भी एजेंसी को इंटरसेप्ट या मॉनिटरिंग को लेकर खुली छूट नहीं दी गई है। इसमें अधिकृत एजेंसियों को संबंधित अथॉरिटी से इजाजत लेनी जरूरी है। एजेंसियों को इंटरसेप्शन या मॉनिटरिंग का औचित्य बताना होगा और यह सब कानूनी प्रक्रिया के दायरे में होगा।
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पिछले वर्ष 20 दिसंबर को गृह मंत्रालय की इस अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा था। याचिकाओं में कहा गया कि यह अधिसूचना गैरकानूनी है, लिहाजा इसे निरस्त किया जाना चाहिए। साथ ही यह निजता के अधिकार का उल्लंघन है। लिहाजा इसे मौलिक अधिकारियों की कसौटी पर मापा जाना चाहिए।
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क्यों है राष्ट्रहित में
सरकार ने कहा कि इंटरसेप्शन कानूनी दायरे में होगा। यह इसलिए राष्ट्रहित में है, क्योंकि इससे आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी आदि पर लगाम लगाई जा सकती है। सरकार ने कहा कि देश को आतंकवाद, साइबर क्राइम, संगठित अपराध से भयंकर खतरा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। लिहाजा समय रहते मजबूत तंत्र विकसित करने की जरूरत थी।