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Australia: धार्मिक इमारतों पर हमले बर्दाश्त नहीं करेगा ऑस्ट्रेलिया, भारत की चिंता पर ये बोले एंथनी अल्बानीज
Sat, 11 Mar 2023 10:29 PM IST
कुमार विवेक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Sat, 11 Mar 2023 10:29 PM IST
सार
Anthony Albanese: अल्बानीज ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया एक ऐसा देश है जो लोगों की आस्था का सम्मान करता है और वह धार्मिक निर्माणों पर किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा चाहे वे हिंदू मंदिर, मस्जिद, अराधनालय या चर्च हों।
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- फोटो : Twitter
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विस्तार
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने ऑस्ट्रेलिया में धार्मिक इमारतों पर हाल के दिनों में किए गए हमलों पर कहा है कि उनका देश ऐसे हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा। शनिवार को उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया एक सहिष्णु बहुसांस्कृतिक राष्ट्र है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर हमलों के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को 'कानून की पूरी ताकत' का सामना करना पड़ेगा।
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ऑस्ट्रलियाई प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ऑस्ट्रेलिया में मंदिरों पर हालिया हमलों को लेकर अल्बानीज को अपनी चिंताओं से अवगत कराने के एक दिन बाद आई है। अल्बानीज ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया एक ऐसा देश है जो लोगों की आस्था का सम्मान करता है और वह धार्मिक निर्माणों पर किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा चाहे वे हिंदू मंदिर, मस्जिद, अराधनालय या चर्च हों।
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भारत की तीन दिवसीय यात्रा पूरी करने से पहले अल्बानीज ने ऑस्ट्रेलियाई पत्रकारों के एक समूह से कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करेंगी कि ऐसी गतिविधियों के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को 'कानून की पूरी ताकत' का सामना करना पड़े। उन्होंने कहा, 'मैं आश्वस्त करता हूं कि ऑस्ट्रेलिया एक ऐसा देश है जो लोगों की आस्था का सम्मान करता है। हम धार्मिक इमारतों पर की गई कार्रवाइयों और हमलों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, 'ऑस्ट्रेलिया में इसकी कोई जगह नहीं है। हम अपनी पुलिस और अपनी सुरक्षा एजेंसियों के माध्यम से यह सुनिश्चित करेंगे कि जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो।
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ऑस्ट्रेलियाई पीएम कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा, "हम एक सहिष्णु बहुसांस्कृतिक राष्ट्र हैं और इस गतिविधि के लिए ऑस्ट्रेलिया में कोई जगह नहीं है।" बता दें कि अल्बानीज से भारत दौरे के दौरान पूछा गया था कि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में हिंदू मंदिरों की रक्षा के लिए मोदी को क्या आश्वासन दिया?
प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को पहले भारत-ऑस्ट्रेलिया शिखर सम्मेलन के दौरान अल्बानीज के साथ अपनी वार्ता में मंदिरों पर हालिया हमलों का मुद्दा उठाया था। अल्बानीज के साथ खड़े मोदी ने अपने मीडिया बयान में पिछले कुछ हफ्तों में ऑस्ट्रेलिया में मंदिरों पर किए गए हमलों की खबरों को 'अफसोस का विषय' बताया था।
उधर, भारत-ऑस्ट्रेलिया शिखर सम्मेलन के बारे में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तानी समर्थक संगठनों की ओर से पैदा की गई गड़बड़ियों पर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय और मंदिरों को निशाना बनाकर किए जा रहे तोड़फोड़ और हिंसा की घटनाओं पर कड़ी चिंता व्यक्त की है।
दक्षिण चीन सागर में प्रभावी हो आचार संहिता
चीन के बढ़ते दखल के बीच भारत और ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण चीन सागर में आचार संहिता को प्रभावी, ठोस और पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप बनाने का आह्वान किया है। संयुक्त बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने दक्षिण चीन सागर समेत सभी समुद्री क्षेत्र में चुनौतियों से निपटने और नियम आधारित व्यवस्था के लिए समुद्री कानून पर संयुक्त राष्ट्र समझौते के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुपालन के महत्व को दोहराया है। दोनों प्रधानमंत्रियों ने समुद्री क्षेत्र में किसी भी विवाद का बातचीत के जरिए और अंतरराष्ट्रीय नियमों के आधार पर समाधान करने के महत्व को रेखांकित किया है। साथ ही, बल प्रयोग या एकतरफा रूप से यथास्थिति को बदलने के प्रयास के प्रति आगाह किया है।
यूक्रेन, म्यांमार पर जताई चिंता
भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों ही देशों ने यूक्रेन और म्यांमार में खराब होती स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। दोनों देशों ने सभी पक्षों से तत्काल हिंसा रोकने का आह्वान किया है। पीएम मोदी और अल्बनीज ने सभी पक्षों से मानवीय सहायता पहुंचाने, बंदियों को रिहा करने और विवाद को बातचीत के जरिये सुलझाने की भी अपील की है।