Malabar Exercise: 10 दिवसीय मालाबार अभ्यास की मेजबानी करेगा ऑस्ट्रेलिया, क्वाड देशों की नौसेनाएं लेंगी हिस्सा
Malabar Exercise: ऑस्ट्रेलिया पहली बार 10 दिवसीय मालाबार अभ्यास के नवीनतम संस्करण की मेजबानी करेगा। इसमें अमेरिका, जापान, भारत और ऑस्ट्रेलिया की भागीदारी देखी जाएगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ऑस्ट्रेलिया पहली बार 10 दिवसीय मालाबार अभ्यास के नवीनतम संस्करण की मेजबानी करेगा। इसमें अमेरिका, जापान, भारत और ऑस्ट्रेलिया की भागीदारी देखी जाएगी। ऑस्ट्रेलियाई जल क्षेत्र में शुरू होने जा रहा अभ्यास 11 से 21 अगस्त तक चलेगा। इस मेगा इवेंट का मकसद प्रमुख भागीदारों के बीच अंतर-क्षमता को गहरा करना है, जो चतुर्भुज सुरक्षा संवाद (क्वाड) के सदस्य भी हैं।
यह अभ्यास हिंद-प्रशांत के लिए साझेदारी को गहरा करने के लिए भी डिजाइन किया गया है। इसे एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र की साझा आकांक्षा को पूरा करने के लिए शुरू किया गया है। इसके तुरंत बाद भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच द्वि-वार्षिक नौसैनिक अभ्यास 'AUSINDEX' द्वारा इसे फॉलो किया जाएगा।
मालाबार अभ्यास 1992 में भारत और अमेरिका के बीच एक वार्षिक द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास के रूप में शुरू हुआ था। 2015 में जापान नौसेना अभ्यास में शामिल हुआ। 2020 में ऑस्ट्रेलियाई नौसेना की भी भागीदारी देखी गई। यह नौसेना के नेतृत्व वाला अभ्यास है जिसमें सभी चार देशों की नौसेनाएं भाग लेंगी। दो प्रमुख ऑस्ट्रेलियाई जहाज एचएमएएस ब्रिस्बेन और एचएमएएस चौल्स सिडनी हार्बर में प्रवेश करेंगे। इसके बाद जहाज और विमान न्यू साउथ वेल्स के तट से एक अभ्यास क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे।
भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व इसके मल्टी रोल स्टील्थ फ्रिगेट, आईएनएस सह्याद्री और स्वदेशी डेस्ट्रॉयर आईएनएस कोलकाता द्वारा किया जाएगा। अमेरिका के एक डेस्ट्रॉयर को जापान के एक प्रमुख सतह पोत के साथ देखा जाएगा। पूर्वी ऑस्ट्रेलियाई अभ्यास क्षेत्र हाई वोल्टेज अभ्यास का गवाह होगा। हालांकि, मालाबार में चार देश भागीदार हैं, लेकिन फिलहाल इसके विस्तार पर कोई योजना या चर्चा नहीं है।
इस साल मार्च में अपनी भारत यात्रा के दौरान ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने घोषणा की थी कि उनका देश मालाबार अभ्यास की मेजबानी करेगा। नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने आईएनएस विक्रांत पर अल्बनीज का गार्ड ऑफ ऑनर के साथ स्वागत किया था। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने कहा था कि उनकी यात्रा हिंद-प्रशांत क्षेत्र और उससे आगे ऑस्ट्रेलिया के दृष्टिकोण के केंद्र में भारत को रखने की उनकी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।