फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Attorney General K K Venugopal is not happy with SC four judges press conference 

अटॉर्नी जनरल बोले- जजों को नहीं करनी चाहिए थी प्रेस कॉन्फ्रेंस, कल तक सुलझेगा मामला

Fri, 12 Jan 2018 07:52 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 12 Jan 2018 07:52 PM IST
विज्ञापन
Attorney General K K Venugopal is not happy with SC four judges press conference 
K K Venugopal

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने शुक्रवार को चार जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर कहा कि जजों को ऐसा नहीं करना चाहिए था। उन्होंने उम्मीद जताई है कि कल तक इस मामले को सुलझाने की उम्मीद है।

विज्ञापन


विज्ञापन



बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के 4 वरिष्ठ जजों द्वारा मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) के खिलाफ सार्वजनिक रूप से मोर्चा खोलने की अभूतपूर्व घटना के बाद सरकार में हलचल बढ़ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने जजों के प्रेस कांफ्रेंस के तत्काल बाद महाधिवक्ता से बातचीत की और खुद पीएम मोदी को ताजा स्थिति से अवगत कराया। इस मामले में पूरी तरह से चुप्पी साध कर सरकार ने इसे न्यायपालिका का अंदरूनी मामला बताने का साफ संदेश दे दिया है। हालांकि सरकार की निगाहें सीजेआई दीपक मिश्रा के भावी रुख पर है।

हालांकि सरकार ने इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, मगर इस घटना से सरकार के अंदर हलचल बहुत तेज हो गई है। सीजेआई पर निशाने को सरकार पर भी परोक्ष निशाना साधे जाने के रूप में देखा जा रहा है। चूंकि मामले के शीर्ष अदालत से जुड़े होने के कारण सरकार इस मामले में दखल नहीं दे सकती, मगर सरकार इस कारण होने वाले सियासी नुकसान को ले कर सतर्क है।

चार वरिष्ठ जजों द्वारा सीजेआई पर सीधा हमला मामले में भले ही सरकार और भाजपा ने चुप्पी साध ली, मगर पार्टी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी इन जजों के बचाव में उतर पड़े। 


उन्होंने इन जजों को ज्ञानी और काबिल बताते हुए कहा कि खुद पीएम को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए। जबकि पार्टी इस मामले में विपक्ष के आधिकारिक रुख का इंतजार कर रही है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि इस बारे में कोई भी आधिकारिक टिप्पणी विपक्ष के आधिकारिक बयान के बाद ही दिया जाएगा। हालांकि सरकार और पार्टी में इसे न्यायपालिका का अंदरूनी मामला बताने को ले कर सहमति बन चुकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed