फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Attorney General K K Venugopal declines consent for contempt proceedings against Asaduddin Owaisi for remarks on Savarkar

ओवैसी को राहत: अटॉर्नी जनरल ने अवमानना की कार्यवाही से किया इनकार, सावरकर के खिलाफ की थी टिप्पणी

Sun, 31 Oct 2021 02:22 PM IST
संजीव कुमार झा पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 31 Oct 2021 02:22 PM IST
सार

ओवैसी ने जस्टिस जीवन लाल कपूर की जांच का हवाला देते हुए कहा था कि वी डी सावरकर महात्मा गांधी की हत्या में शामिल थे।

विज्ञापन
Attorney General K K Venugopal declines consent for contempt proceedings against Asaduddin Owaisi for remarks on Savarkar
असदुद्दीन ओवैसी (फाइल) - फोटो : एएनआई

विस्तार

अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिए अपनी सहमति देने से इनकार कर दिया है। बता दें कि ओवैसी ने जस्टिस जीवन लाल कपूर की जांच का हवाला देते हुए कहा था कि वी डी सावरकर महात्मा गांधी की हत्या में शामिल थे। ओवैसी के इस बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया था।

विज्ञापन


अवमानना का मामला नहीं बनता: अटॉर्नी जनरल 
अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने कहा कि ओवैसी ने सेवानिवृत जस्टिस कपूर आयोग के निष्कर्ष का हवाला दिया था न कि उच्चतम न्यायालय का इसलिए अवमानना का मामला नहीं बनता है। उन्होंने कहा कि जस्टिस कपूर वर्ष 1962 में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हो गए थे और सेवानिवृत्त होने के चार साल बाद उन्हें जांच आयोग के प्रमुख रूप में नियुक्त किया गया था। इसलिए मैं ओवैसी के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने के लिए सहमति से इनकार करने के लिए बाध्य हूं। 
विज्ञापन


ओवैसी का जवाब नहीं मिलने पर 'थिंक टैंक' ने अटॉर्नी जनरल को लिखा था पत्र
थिंक टैंक ने इस मामले में सबसे पहले ओवैसी को 15 अक्तूबर को एक पत्र लिखा था जिसमें कहा गया था कि देश के उच्चतम न्यायालय के स्पष्ट कथन के बाद, यह कहने की गुंजाइश कहां है कि सावरकर ने गांधी जी की हत्या की थी, जैसा कि आपने कहा है? लेकिन ओवैसी ने जब इस पत्र जवाब नहीं दिया तो थिंक टैंक ने 23 अक्तूबर को एटॉर्नी जेनेरल वेणुगोपाल पत्र लिखा और कहा कि इसमें ओवैसी को संबोधित हमारे 15 अक्तूबर, 2021 के पत्र का संदर्भ है। उम्मीद की जा रही थी कि वह सीधे स्पष्टीकरण जारी करेंगे। दुर्भाग्य से, उक्त पत्र को उनके द्वारा स्वीकार भी नहीं किया गया है। इसलिए हम इस विषय पर ओवैसी की टिप्पणी के लिए सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिए आपकी सहमति चाहते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed