एंटीलिया मामला: एटीएस ने कहा- मनसुख की हत्या में मुख्य आरोपी है वाजे, हिरासत में लेने की करेंगे मांग
- अभी एनआईए की हिरासत में है वाजे, कल कोर्ट में पेशी के दौरान एटीएस रिमांड मांगेगी
- एटीएस ने दमन से जब्त की एक वॉल्वो कार, आशंका हत्या में इसी कार का हुआ था इस्तेमाल
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उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के पास मिली जिलेटिन की छड़ों से लदी कार स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में महाराष्ट्र के आतंक रोधी दस्ते (एटीएस) ने मंगलवार को अहम खुलासा किया है।
एटीएस ने कहा है कि निलंबित सहायक पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वाजे ही मनसुख हत्या मामले का मुख्य आरोपी है। इसकी जांच के लिए एटीएस वाजे को हिरासत में लेने की मांग करेंगी। वहीं, एटीएस ने दमन से एक वॉल्वो कार जब्त की है। जिससे हत्या के सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है।
एटीएस को आशंका है कि मनसुख हिरेन की हत्या में यही कार इस्तेमाल में लाई गई थी। यह कार ठाणे स्थित एटीएस कार्यालय में लाए जाने के बाद फॉरेंसिक टीम ने इसकी जांच की। यह कार महाराष्ट्र में ही पंजीकृत है, लेकिन इसके मालिक के बारे में पता नहीं चल सका है।
एटीएस प्रमुख जयजीत सिंह ने कहा, मनसुख की हत्या के मामले में वाजे की भूमिका संदिग्ध है। वाजे ने एटीएस को दिए जवाब में सही जानकारी नहीं दी है। वाजे ने आठ मार्च को एटीएस को दिए जवाब में कहा था कि मनसुख की मौत से उनका कोई संबंध नहीं है। वह मनसुख को नहीं जानता और उसने विस्फोटक से भरी स्कॉर्पियो कार कभी इस्तेमाल नहीं की।
जयजीत सिंह ने कहा कि आरोपियों ने सिम कार्ड, मोबाइल फोन और सीसीटीवी फुटेज के सुबूत नष्ट कर दिए हैं। फिलहाल, वाजे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की कस्टडी में हैं। 25 मार्च को जब एनआईए वाजे को कोर्ट में पेश करेगी, तब इस हत्याकांड की तह तक पहुंचने के लिए एटीएस वाजे को रिमांड में लेने की मांग करेगी।
एनआईए को मनसुख हिरेन की मौत के मामले की जांच सौंपी गई है, लेकिन अभी तक एटीएस ही इसकी जांच कर रही है। मामले में एटीएस ने अभी तक क्रिकेट सट्टेबाज नरेश गौर और लखनभैया मुठभेड़ में सजायाफ्ता पूर्व कांस्टेबल विनायक शिंदे को गिरफ्तार किया था। शिंदे को वाजे से निर्देश मिलते थे।
फडणवीस ने पवार के दावे को बताया झूठा
उन्होंने पवार के दावे को झूठा बताते हुए कहा, 15 फरवरी को गृहमंत्री अनिल देशमुख क्वारंटीन नहीं थे, बल्कि निजी विमान से नागपुर से मुंबई की यात्रा की थी और लोगों से मिल रहे थे। इस दावे की पुष्टि के लिए फडणवीस ने चार्टर्ड विमान की सूची भी दिखाई है जिसमें देशमुख सहित आठ लोगों के नाम दर्ज हैं।
फडणवीस ने कहा कि शरद पवार जैसे राष्ट्रीय नेता को इस मामले की सही जानकारी नहीं दी गई और उनके मुंह से गलत बातें निकलवाईं गईं। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की रिपोर्ट केंद्रीय गृह सचिव को दूंगा और सीबीआई जांच की मांग करूंगा।
इस बीच, देशमुख ने मामले पर फिर सफाई दी है और ट्विटर पर वीडियो साझा कर कहा, 15 तारीख को ही मैं निजी विमान से मुंबई आ गया और उसके बाद डॉक्टरों की सलाह पर ही रोज देर रात में मैं पार्क में प्राणायाम के लिए जाता था।
नागपुर में हॉस्पिटल में रहने के दौरान और बाद में होम क्वारंटीन के दौरान मैंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कुछ मीटिंग और कार्यक्रम में शामिल हुआ था। शासकीय काम से पहली बार 28 फरवरी को मैं मेरे घर से बाहर निकला।
देशमुख के इस्तीफे से ही लौट सकती है पवार की साख: भाजपा
महाराष्ट्र में जो हो रहा वह विकास नहीं, वसूली है। दो दिनों में शरद पवार की राजनीतिक साख पर जो बड़ा धब्बा लगा है, उसका एकमात्र रास्ता है कि पवार अनिल देशमुख का इस्तीफा कराएं। उद्धव ठाकरे की सरकार शासन का नैतिक अधिकार खो चुकी है।-रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय मंत्री
रश्मि शुक्ला भाजपा की एजेंट: नवाब मलिक
एनसीपी प्रवक्ता व मंत्री नवाब मलिक ने फडणवीस के दावे को नकार दिया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए बरिष्ठ अधिकारी फडणवीस कार्यकाल में भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहे थे।
मलिक ने आरोप लगाया कि बरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला अवैध तरीके से लोगों के फोन टैप कर रही थी। उन्होंने कहा कि अनिल देशमुख क्वारंटीन रहते हुए कभी सरकारी अतिथिगृह सह्याद्री नहीं गए।
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