फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   ATS, investigating, linking the young man to the whatsapp Group of the terrorist organization

आईएस कनेक्शन की पड़ताल में जुटी एटीएस, युवक को आतंकी संगठन के व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ने का मामला

Mon, 02 Jul 2018 04:47 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इलाहाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Mon, 02 Jul 2018 04:47 AM IST
विज्ञापन
ATS, investigating, linking the young man to the whatsapp Group of the terrorist organization
- फोटो : BBC

धूमनगंज के युवक को आतंकी संगठन के व्हाट्स एप ग्रुप से जोड़े जाने के मामले पर जांच एजेंसियों के भी कान खड़े हो गए हैं। रविवार को इस मामले की जांच के लिए एंटी टेररिस्ट स्क्वॉयड (एटीएस) की दो टीमें शहर आ धमकीं। यहां दोनों टीमों ने चार घंटे रहकर शिकायतकर्ता से पूछताछ की। साथ ही मामले से संबंधित साक्ष्य लेकर शाम को वापस चली गईं।  

विज्ञापन

धूमनगंज पुलिस के मुताबिक, महाराष्ट्र के ठाणे में रहकर प्राइवेट नौकरी करने वाला युवक इन दिनों मुंडेरा स्थित अपने घर आया है।

उसने शनिवार को पुलिस से बताया कि गुरुवार को उसके पास एक व्हाट्सएप मैसेज आया। उसने देखा तो पता चला कि उसका नंबर आईएसआईएस इंडिया नाम के ग्रुप में जोड़ दिया गया है। घबराकर उसने तुरंत ग्रुप से खुद को अलग कर लिया, लेकिन कुछ देर बाद दोबारा फिर उसे ग्रुप में जोड़ दिया गया।
विज्ञापन


यही प्रक्रिया एक बार फिर दोहराई गई। युवक की घबराहट तब और बढ़ गई जब उसे और उसके परिवारवालों को धमकी दी जाने लगी। युवक ने पुलिस को बताया कि उसे मैसेज भी भेजा गया कि तुम हमारी आर्गनाइजेशन में बतौर जासूस काम करना चाहते हो। अगर तैयार हो तो अपना पता और पेशा मैसेज करो।
विज्ञापन
विज्ञापन


तुम्हें 5000 डॉलर हर महीने इंडियन एजेंसी की जानकारी हमें देने के लिए दिए जाएंगे। युवक की शिकायत पर धूमनगंज थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई। साथ ही मामले को एटीएस को सौंप दिया गया। 

ATS, investigating, linking the young man to the whatsapp Group of the terrorist organization
वाराणसी, लखनऊ से आईं टीमें
रविवार दोपहर इस मामले की जांच के लिए एटीएस की दो टीमें शहर पहुंचीं। इनमें एक टीम लखनऊ तो दूसरी टीम वाराणसी से आई थी। टीम ने सबसे पहले धूमनगंज थाने पहुंचकर पड़ताल की। इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से भुक्तभोगी युवक के घर पहुंचकर पूछताछ की। जांच पड़ताल के बाद पुलिस युवक को लेकर फिर धूमनगंज थाने पहुंची और जांच की।

यहां युवक के मोबाइल से ग्रुप में ऐड किए जाने के मैसेज का स्क्रीन शॉट, साथ ही ग्रुप से भेजे गए मैसेज का स्क्रीन शॉट व एफआईआर की कॉपी लेकर दोनों टीमें शाम को लौट गईं। सूत्रों की मानें तो युवक ने जांच टीमों के सामने यह भी बताया कि मैसेज का जवाब नहीं देने पर उसे व्हाट्स एप कॉल भी किए गए। कहा जा रहा है कि यह कॉल अमेरिका से किए गए थे।

जांच के दौरान मिला संदिग्ध नंबर
सूत्रों की मानें तो भुक्तभोगी युवक के मोबाइल से पुलिस को वह नंबर भी मिल गया है जिसके माध्यम से उसका नंबर आतंकी संगठन के व्हाट्स एप ग्रुप से जोड़ा गया। दरअसल घटना के बाद भुक्तभोगी ने अपना व्हाट्सएप ही अनस्टाल कर दिया था। बाद में पुलिस के कहने पर उसने व्हाट्सएप इंस्टाल किया।

इस दौरान उस नंबर की जानकारी मिल गई, जिसके माध्यम से उसे आतंकी संगठन के ग्रुप में जोड़ा गया था। हालांकि ग्रुप के अन्य नंबरों की जानकारी नहीं मिल सकी है। सूत्रों की मानें तो एटीएस भी उस संदिग्ध नंबर के बारे में जानकारी जुटाने में लग गई है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed