महाराष्ट्र: ATS-IB और STF ने संजय जंबुरे से की पूछताछ, ISI को OTP साझा करने के मामले में किया गया था गिरफ्तार
Maharashtra: गुजरात के सरदार वल्लभभाई पटेल विश्वविद्यालय से सांख्यिकी में स्नातक अभिजीत पुणे में एक निजी सॉफ्टवेयर कंपनी में काम कर रहा था। एटीएस, आईबी और एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने रविवार को अभिजीत से पूछताछ की ताकि पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटर्स के साथ उसके संबंधों की पुष्टि की जा सके।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाराष्ट्र के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस), खुफिया ब्यूरो (आईबी) और ओडिशा पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने पाकिस्तानी खुफिया कर्मियों के साथ ओटीपी साझा करने में कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार अभिजीत संजय जंबुरे से रविवार को पूछताछ की। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि ओडिशा एसटीएफ ने अभिजीत को 29 जून को पुणे से गिरफ्तार किया था और पाकिस्तानी खुफिया गुर्गों के साथ उसके संबंधों के बारे में सबूत मिलने के बादे बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर भुवनेश्वर लाया गया था।
गुजरात के सरदार वल्लभभाई पटेल विश्वविद्यालय से सांख्यिकी में स्नातक अभिजीत पुणे में एक निजी सॉफ्टवेयर कंपनी में काम कर रहा था। एटीएस, आईबी और एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने रविवार को अभिजीत से पूछताछ की ताकि पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटर्स के साथ उसके संबंधों की पुष्टि की जा सके।
अभिजीत 2020 से एक पाकिस्तानी एजेंट के संपर्क में था और वह ओडिशा के पठानीसामंत लेंका सहित एक अन्य गिरफ्तार आरोपी को पैसे भेज रहा था। एटीएस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर ले सकती है। एसटीएफ के एसपी केके पाणिग्रही ने कहा, 'अगर जरूरत पड़ी तो हम एनआईए की मदद लेंगे।'
उन्होंने कहा कि इस संबंध में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है और और गिरफ्तारियां की जा सकती हैं। एसटीएफ ने अभिजीत को शनिवार से चार दिन की रिमांड पर लिया है। पाणिग्रही ने कहा कि अभिजीत से पूछताछ महत्वपूर्ण है क्योंकि उसके पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों के साथ संबंध होने का संदेह है।
एसटीएफ अधिकारी ने कहा कि अभिजीत फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से पाकिस्तान के फैसलाबाद के खानकी के दानिश उर्फ सैयद दानिश अली नकवी से मिला, जिसने 2018 में खुद को अमेरिकी एडटेक कंपनी 'चेग' में फ्रीलांसर बताया। दानिश ने अभिजीत को कराची के अपने दोस्त खुर्रम उर्फ अब्दुल हमीद से मिलवाया था। खुर्रम के पाकिस्तानी सेना का एक वरिष्ठ खुफिया अधिकारी होने का संदेह है, जिसका भारत में एजेंटों का एक बड़ा नेटवर्क है।
अधिकारी ने कहा कि अभिजीत, खुर्रम के निर्देश के आधार पर भारत में काम कर रहे विभिन्न पाकिस्तानी खुफिया गुर्गों को पैसे हस्तांतरित करता था। अधिकारी ने बताया कि अभिजीत ने कम से कम सात पाकिस्तानी नागरिकों और 10 नाइजीरियाई नागरिकों से वॉट्सएप के जरिए बात की थी।
इस बीच, एसटीएफ ने ओटीपी शेयरिंग के सिलसिले में ओडिशा के पांच अन्य निवासियों को गिरफ्तार किया है। यह भी संदेह है कि अभिजीत ने भारतीय सेना, नौसेना और अन्य रक्षा सामग्रियों से संबंधित कुछ गुप्त दस्तावेज पाकिस्तान की आईएसआई के साथ साझा किए हैं।