फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Atomic clocks will be installed in six places in the country, will strengthened Cyber Security

देश में छह स्थानों पर स्थापित होंगी परमाणु घड़ियां, मजबूत होगी साइबर सुरक्षा

Sun, 07 Oct 2018 02:09 AM IST
पीयूष पांडेय, नई दिल्ली
पीयूष पांडेय, नई दिल्ली Updated Sun, 07 Oct 2018 02:09 AM IST
विज्ञापन
Atomic clocks will be installed in six places in the country, will strengthened Cyber Security

केंद्र सरकार ने देश की वित्तीय, बैंकिंग और दूरसंचार सेवाओं को सटीक समय मुहैया कराने के साथ साइबर सुरक्षा पुख्ता करने को परमाणु घड़ी लगाने का निर्णय लिया है। पूरे देश में इसके लिए छह घड़ियों को स्थापित किया जाएगा। फिर इनसे बैंकों, शेयर बाजार और दूरसंचार समेत अन्य क्षेत्रों से जोड़ा जाएगा। मौजूदा समय में अमेरिका, इंग्लैंड, जापान, सिंगापुर, ताइवान और चीन समेत अन्य देशों में यह घड़ियां प्रयोग की जा रही हैं।

विज्ञापन


परमाणु घड़ी के समय में तीस लाख साल में एक सेकेंड से भी कम फर्क आता है। तकनीकी विशेषज्ञ रामानुज के मुताबिक वित्तीय क्षेत्र, जैसे बैंकों में माइक्रो सेकेंड स्तर पर उच्च आवृत्ति लेनदेन के समय और तिथि की गारंटी के लिए सटीक घड़ियों की आवश्यकता होती है, जो अब तक देश में नहीं था। इसी तरह दूरसंचार क्षेत्र में इसकी सख्त जरूरत डिजिटल बैंकिंग, जीपीएस समेत अन्य में है। 
विज्ञापन


यह तंत्र आम तौर पर लेनदेन के समय और तारीख को सटीक समय में निर्धारित करता है। कई विकसित देशों में इस घड़ी को फाइबर ऑप्टिकल के जरिए वित्तीय संस्थानों और दूरसंचार समेत अन्य क्षेत्रों से जोड़ा गया है। यह खासतौर पर बड़े लेनदेन और डेटा स्थांनातरण के लिए बहुत ही फायदेमंद है। फाइबर ऑप्टिकल से जुड़े होने की वजह से इसमें अन्य का प्रवेश संभव नहीं है।  

विज्ञापन
विज्ञापन

साइबर हमलों की मिलेगी सटीक जानकारी

परमाणु घड़ी लगाने का निर्णय उपभोक्ता, दूरसंचार, इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी, वित्त, गृह मंत्रालय और अंतरिक्ष विभाग की सहमति के बाद लिया गया है। छह दिशाओं में इसे लगाया जाना है जिसके लिए छह स्थानों की चयन प्रक्रिया सरकार ने शुरू कर दी है। आईटी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक मौजूदा समय 90 सेकेंड तक समय का अंतर कई बार लेनदेन के दौरान देखा गया है। ऐसे में डेटा या धन के स्थानांतरण में सेंध का खतरा बढ़ जाता है। 

परमाणु घड़ी लगने पर डाटा या धन के स्थानांतरण में सेंध लगाना संभव नहीं होगा। साथ ही दुनिया भर से होने वाले साइबर हमलों के सटीक समय की जानकारी भी हासिल होगी। उन्होंने कहा कि शेयर बाजार में एक सेकेंड का अंतर भी कई बार भारी पड़ता है। ऐसे में विभिन्न स्तरों पर यह घड़ी महत्वपूर्ण और लाभकारी होगी। परमाणु घड़ी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम की माइक्रोवेव, ऑप्टिकल या अल्ट्रावायलेट क्षेत्र में इलेक्ट्रान स्थानांतरण आवृत्ति का प्रयोग समय की निगरानी मानक एलिमेंट के रूप में करती है। 

परमाणु घड़ियां ज्ञात सबसे सटीक समय और आवृत्ति की मानक हैं। गौरतलब है कि इन्हें खासतौर पर अंतरराष्ट्रीय समय वितरण सेवाओं के लिए प्राथमिक मानकों के रूप में उपयोग किया जाता है। साथ ही वैश्विक नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम जैसे जीपीएस में भी इसका प्रयोग किया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed