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भारतीय सेना में जाना चाहता था बुरहान वानी, क्रिकेट को लेकर भी थी दीवानगी
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 26 Sep 2016 09:00 AM IST
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आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर बुरहान वानी
- फोटो : self
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सुरक्षाबलों के हाथों एनकाउंटर में मारा गया हिजबुल कमांडर वुरहान वानी क्रिकेट का दीवाना था और जम्मू-कश्मीर के क्रिकेटर परवेज रसूल की तरह ही क्रिकेट खेला करता था। अंग्रेजी अखबार 'टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, वानी के पिता मुजफ्फर वानी का कहना है कि बचपन में उनके बेटे की ख्वाहिश भारतीय सेना में भर्ती होने की थी। गौरतलब है कि कश्मीर घाटी में पिछले तीन महीनों से जारी कर्फ्यू को रविवार को सभी हिस्सों से हटा लिया गया।
मुजफ्फर वानी का कहना है कि बुरहान ने अक्टूबर 2010 में घर छोड़ दिया था। बुरहान के पिता का कहना है कि उसे भारतीय सेना की वर्दी बहुत पसंद थी और उसने 10 साल की उम्र में सेना के एक जवान को बताया था कि वह सेना में भर्ती होना चाहता है। तब सेना बुरहान के गांव में ही एक आतंकियों के गांव में एक सर्च ऑपरेशन चला रही थी।
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मुजफ्फर वानी का कहना है कि बुरहान ने अक्टूबर 2010 में घर छोड़ दिया था। बुरहान के पिता का कहना है कि उसे भारतीय सेना की वर्दी बहुत पसंद थी और उसने 10 साल की उम्र में सेना के एक जवान को बताया था कि वह सेना में भर्ती होना चाहता है। तब सेना बुरहान के गांव में ही एक आतंकियों के गांव में एक सर्च ऑपरेशन चला रही थी।
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'वानी का भाई नहीं उठाएगा हथियार'
श्री श्री रविशंकर के साथ बुरहान के पिता
- फोटो : Amar Ujala
मुजफ्फर वानी का कहना है कि उनका तीसरा बेटा बंदूक नहीं उठाएगा, उन्हें इस बात का पूरा भरोसा है। मुजफ्फर कहते हैं कि वह किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ना नहीं चाहते, बस अपने बच्चों को पढ़ा-लिखाकर किसी काबिल बनाना चाहते हैं।
श्री श्री रविशंकर प्रसाद से मुलाकात पर मुजफ्फर वानी का कहना है कि वह मुलाकात प्रायोजित नहीं थी। श्री श्री से उन्होंने कश्मीर पर बात की। वानी का कहना है कि श्री श्री ने मुझसे पूछा कि बुरहान कैसे घर छोड़कर चला गया। इसके बाद उन्होंने कहा कि यह अल्लाह की मर्जी थी।