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कलकत्ता हाईकोर्टः 'ईडी ने निजी कंपनी लीप्स एंड बाउंड के बारे में अधूरी जानकारी दी', अदालत ने कही ये बात

Mon, 25 Sep 2023 09:27 PM IST
कुमार विवेक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Mon, 25 Sep 2023 09:27 PM IST
सार

Calcutta High Court: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 14 सितंबर को ईडी को उन निजी कंपनी की संपत्तियों की सूची पेश करने का निर्देश दिया था जिसके सीईओ सांसद और तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी हैं और वे पश्चिम बंगाल में स्कूल शिक्षक भर्ती घोटाले में कथित तौर पर शामिल हैं।

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Assets of 'Leaps and Bounds' submitted to court grossly incomplete: Calcutta HC
कलकत्ता हाईकोर्ट - फोटो : www.calcuttahighcourt.gov.in

विस्तार

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से उसे सौंपी गई निजी कंपनी 'लीप्स एंड बाउंड' की संपत्तियों की सूची पूरी तरह से अपर्याप्त प्रतीत होती है। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 14 सितंबर को ईडी को उन निजी कंपनी की संपत्तियों की सूची पेश करने का निर्देश दिया था जिसके सीईओ सांसद और तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी हैं और वे पश्चिम बंगाल में स्कूल शिक्षक भर्ती घोटाले में कथित तौर पर शामिल हैं।

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ईडी की सूची को अपर्याप्त बताते हुए न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने जांच की धीमी प्रगति के लिए एजेंसी की आलोचना की और पूछा कि क्या प्रक्रिया में शामिल होने वाले अधिकारियों को जांच में तेजी लाने के लिए अन्य अधिकारियों के अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ईडी की सूची में बनर्जी की केवल तीन जीवन बीमा पॉलिसियों का उल्लेख है और कंपनी तथा उसके निदेशकों की संपत्तियों का विवरण भी अधूरा है।न्यायमूर्ति सिन्हा ने कहा कि फर्म के मूल्यांकन का उल्लेख नहीं किया गया है और कंपनी के पते के संबंध में असंगति प्रतीत होती है। न्यायमूर्ति सिन्हा ने कहा कि कंपनी की गतिविधियों का अवलोकन करने पर ऐसा प्रतीत होता है कि यह 'पिन से हाथी' तक सभी प्रकार के कारोबार करती है।
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न्यायमूर्ति सिन्हा ने ईडी की आलोचना करते हुए कहा कि उसने अभी तक कंपनी के निदेशकों के लेन-देन की जांच नहीं की है। उन्होंने कहा कि ईडी जांच एजेंसी है और उसे कंपनी के लेनदेन, मूल्यांकन और ग्राहकों का विवरण प्रदान करने की आवश्यकता है, उन्होंने कहा कि कर्मचारियों, उनके बैंक खातों, कंपनी की संपत्ति के मूल्यांकन के विवरण की जांच की जानी चाहिए और अदालत के समक्ष रखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जांच एजेंसी को कंपनी पंजीयक (आरओसी) से यह पता लगाना होगा कि क्या सभी कानूनी औपचारिकताओं का पालन किया गया। अदालत ने कहा कि जांच को अत्यंत तत्परता से निपटाया जाना चाहिए क्योंकि नियुक्त उम्मीदवार प्राथमिक छात्रों को शिक्षा प्रदान करने के योग्य नहीं हो सकते हैं। मामले की अगली सुनवाई 14 सितंबर को होगी।

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