चुनावों पर नहीं पड़ रहा नोटबंदी का असर, पानी की तरह बह रहा शराब और काला धन
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नोटबंदी को लेकर भले ही आम जनता को नकद की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। मगर चुनाव में नोट के बदले वोट खरीदने के लिए काला धन और शराब पानी की तरह बहाया जा रहा है। चुनाव आयोग के ताजा आंकड़े बताते है कि 18 जनवरी यानी बुधवार को एक ही दिन में पुलिस और आयकर विभाग ने पांच राज्यों में 15 करोड़ रुपये से ज्यादा नकद रकम बरामद की है।
अकेले उत्तर प्रदेश में 13.75 लाख रुपये का काला धन पकड़ा गया। अभी तक पांच राज्यों में कुल 80.44 करोड़ रुपये का काला धन पकड़ा गया है। इनमें से 31.65 लाख रुपये के पुराने नोट है। नकद ही नहीं बल्कि शराब की नदियां भी चुनाव में बह रही हैं।
उत्तर प्रदेश में बीते बुधवार को 38 लाख रुपये 19198 लीटर शराब पकड़ी गई। पंजाब में 1161 लीटर शराब पकड़ी गई। 18 जनवरी तक कुल 2.71 लाख लीटर शराब पकड़ी गई है। इसकी कीमत सात करोड़ 71 लाख रुपये आंकी गई है।
नशीले पदार्थ भी जमकर इस्तेमाल किये जा रहे है
नशीले पदार्थ भी जमकर इस्तेमाल किये जा रहे है। पुलिस और नारकोटिक्स विभाग ने अभी तक 68.14 लाख रुपये के नशीले पदार्थ भी पकड़े है। इसमें गांजा, हेरोइन प्रमुख है। पंजाब में बुधवार को ही पुलिस ने 64 लाख रुपये का नकद पकड़ा गया। वहीं आयकर विभाग ने 33 लाख रुपये पकड़े है।
चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि चुनाव में आयकर विभाग और भ्रष्टाचार रोधी एजेंसियां सक्रिय है। इसके बावजूद अवैध तरीके से नकद की आवाजाही कम नहीं हो रही है। नोटबंदी के बाद माना जा रहा था कि राजनीतिक पार्टियों और उम्मीदवारों को नकद की काफी किल्लत होगी।
चुनाव प्रचार की रफ्तार भी नहीं पकड़ पाएगी। मगर जिस तरह से करोड़ों रुपये पकड़े गए है। उसे देखकर लग नहीं रहा कि नोटबंदी के बाद नोट के बदले वोट खरीदने की कोशिशों पर लगाम लगी है।