राजस्थान-तेलंगाना चुनाव: इस बार बंपर वोटिंग, जानिए कितने फीसदी हुआ मतदान
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राजस्थान और देश के सबसे नए राज्य तेलंगाना में शुक्रवार को मतदान के साथ पांचों राज्यों में मतदान के सभी चरण पूरे हो गए। राजस्थान में 199 विधानसभा सीटों के लिए जहां 74.38 फीसद मतदान हुआ वहीं तेलंगाना में 119 विधानसभा सीटों के लिए 67 फीसद वोट पड़े। दोनों राज्यों का चुनाव काफी अहम था, क्योंकि इसका असर अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव पर भी पड़ना है। सबसे पहले जानते हैं तेलंगाना में क्या रही मतदान की स्थिति...
तेलंगाना में 119 विधानसभा सीटों के लिए 67 फीसदी वोट पड़े, जो वर्ष 2014 (68.9 फीसदी) से 1.9 फीसदी कम है। वहां 13 विधानसभा क्षेत्र नक्सलवाद से प्रभावित हैं, लेकिन मतदान के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं आई।
फिल्मी सितारों ने किया मतदान
ज्वाला गुट्टा का नाम सूची से गायब, नहीं डाल सकीं वोट
अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा बंजारा हिल्स पुलिस स्टेशन के अंतर्गत अपने घर के निकट स्थित एक मतदान केंद्र पर पहुंचीं लेकिन मतदाता सूची में नाम नहीं होने के कारण वोट नहीं डाल सकीं। ज्वाला ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर करते हुए बताया कि उनके पिता और बहन भी सूची में नाम नहीं होने के कारण वोट नहीं डाल सके, केवल उनकी मां ही मतदान कर सकीं। ज्वाला का कहना था कि वे 12 साल से एक ही जगह रह रहे हैं, ऐसे में मतदाता सूची से नाम कैसे हट सकता है। यदि किसी का नाम हटाया जाता है तो उसे सूचना दी जानी चाहिए।
मतदाताओं का टीआरएस के प्रति सकारात्मक रुख : केसीआर
तेलंगाना में सत्ता वापसी के लड़ रही तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के प्रमुख और कार्यवाहक मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने दावा किया है कि उनकी पार्टी बड़े बहुमत के साथ दोबारा सरकार बनाएगी। राव ने शुक्रवार को अपने पैतृक गांव चिंतामडका में मतदान किया। वहां उन्होंने पत्रकारों से कहा कि मतदाताओं का का उनकी पार्टी के प्रति बहुत सकारात्मक रुख है।
उधर, एआईएमआईएम के अध्यक्ष और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी दावा कर चुके हैं कि टीआरएस अपने दम पर सरकार बनाएगी। ओवैसी की पार्टी ने पिछले चुनाव में हैदराबाद क्षेत्र में सात सीटों पर जीत हासिल की थी और इस बार आठ सीटों पर चुनाव लड़ रही है। एआईएमआईएम अन्य क्षेत्रों में टीआरएस को समर्थन दे रही है। ओवैसी ने शुक्रवार को दावा किया कि उनके सभी प्रत्याशी जीतेंगे।
एक नजर तेलंगाना के आंकड़ों पर
मतदान प्रतिशत 2018 : 67.0 प्रतिशत
मतदान प्रतिशत 2013 : 68.9 प्रतिशत
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कुल सीट : 119
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प्रत्याशी : 1821
टीआरएस : 107
कांग्रेस : 94
भाजपा :119
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कुल मतदाता : 2,80,64,684
पुरुष : 1,41,56,388
महिला : 1,39,05,407
थर्ड जेंडर : 2885
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मतदान केंद्र : 32,815
संवेदनशील बूथ : 241
राजस्थान में 199 सीटों पर 2274 प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम में बंद
वहीं प्रदेश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान की बात करें तो यहां 199 विधानसभा सीटों पर 74.38 फीसद मतदान हुआ। हालांकि पिछले चुनावों में हुए 75.04 प्रतिशत के एतिहासिक मतदान के मुकाबले थोड़ा ही कम रहा। प्रदेशवासियों ने 199 सीटों पर खड़े 2274 प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम में बंद कर दिया।
जहां तेलंगाना में मतदान शांतिपूर्वक हुआ तो वहीं राजस्थान में कई स्थानों पर शिकायतें आईं। सीकर के फतेहपुर स्थित एक बूथ पर दो गुटों के बीच विवाद हो गया। इस दौरान भीड़ ने दो बाइकों में आग लगा दी व निर्वाचन विभाग की एक बस में भी तोड़-फोड़ की गई। पुलिस ने अतिरिक्त फोर्स बुलाकर उपद्रवियों को खदेड़ दिया। इससे वहां करीब आधा घंटे तक मतदान प्रभावित रहा।
वहीं, भरतपुर स्थित नदबई में दो मतदान केंद्रों बूथ संख्या 34 और 198 पर बूथ कैप्चरिंग का प्रयास किया गया, पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया। एक बूथ पर दो निर्दलीय विधायकों के समर्थकों में चाकूबाजी और लाठियां चलीं। साथ ही, कुछ स्थानों पर मशीन में खराबी की शिकायत आई, जिन्हें बदलकर मतदान करवाया गया।
राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि अलवर की रामगढ़ सीट पर प्रत्याशी के निधन के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया था, इसकी तारीख बाद में घोषित की जाएगी। प्रदेश में में 51687 पोलिंग स्टेशन पर दो लाख से अधिक ईवीएम और वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल किया गया। इस चुनाव में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उनके 28 मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।
कांग्रेस से खड़े पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह, भाजपा सांसद कर्नल सोना राम चौधरी और कांग्रेस के सांसद रघु शर्मा व डॉ. करण सिंह यादव भी किस्मत आजमा रहे हैं। कांग्रेस और भाजपा के बागियों ने भी 30-30 से अधिक सीटों पर ताल ठोकी हुई है। कांग्रेस ने इस चुनाव में पांच सीटें गठबंधन के लिए छोड़ी और 194 सीटों पर प्रत्याशी खड़े किए, वहीं भाजपा ने सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारे। चुनाव में 830 निर्दलीय प्रत्याशी राजनीतिक अखाड़े में थे।
क्या कहा राजनीति के धुरंधरों ने
राजस्थान की वर्तमान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि जनता विकास चाहती है, चाहे वह देश की हो या राजस्थान की। सभी ने विकास के लिए वोट किया है। हमारी पार्टी के छोटे से छोटे कार्यकर्ता से लेकर बड़े-बड़े नेताओं ने अथक प्रयास किया है और भाजपा का परचम फहराने की पूरी कोशिश की है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि भाजपा हारने जा रही है, बस वह चाहती है कि सम्मानजनक हार हो। इसके चलते ही प्रधानमंत्री सहित केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित आलाकमान यहां डेरा डाले रहा। कांग्रेस भारी बहुमत से सत्ता में आ रही है। मेरे लिए पद मायने नहीं रखता।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत ने कहा कि देश को कांग्रेस की जरूरत है। हम सबका फर्ज बनता है कि कांग्रेस सत्ता में आए। दिल्ली में भी और राजस्थान में भी। हमारे लिए पद प्राप्त करना महत्वपूर्ण नहीं है। आलाकमान जो जिम्मेदारी देगी, मुझे मंजूर है, फिर चाहे राजस्थान की हो या दिल्ली की।
एक नजर आंकड़ों पर
सबसे अधिक मतदान - पोकरण, जैसलमेर - 85.47
सबसे कम मतदान - मारवाड़ जं. पाली - 60.52