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सुप्रीम कोर्ट ने कमलनाथ और सचिन पायलट की अर्जियां कीं खारिज, उठाई थी ये मांग

Fri, 12 Oct 2018 12:07 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 12 Oct 2018 12:07 PM IST
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Assembly Elections 2018: Plea of Kamalnath and Jyotiraditya in Supreme court
कमलनाथ

उच्चतम न्यायालय ने कांग्रेस नेता कमलनाथ और सचिन पायलट की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया जिसमें दोनों नेताओं ने मतदाता सूची का मसौदा टेक्स्ट फॉर्मेट में उपलब्ध कराने के लिए चुनाव आयोग को निर्देश देने की मांग की थी। इन्होंने मध्य प्रदेश और राजस्थान के आगामी विधानसभा चुनावों से पहले वीवीपीएटी मशीनों की औचक जांच करने और टेक्स्ट रूप में मतदाता सूची मुहैया कराने की मांग की थी। 

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न्यायमूर्ति ए के सीकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने इस मामले में आठ अक्टूबर को सुनवाई पूरी की थी। सुनवाई के दौरान कांग्रेस नेताओं की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और चुनाव आयोग की तरफ से पेश हुए वकील विकास सिंह ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए थे। 
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वकील वरुण चोपड़ा के जरिए दाखिल अर्जी में कमलनाथ ने कहा था कि पीडीएफ रूप की बजाय नियमों के मुताबिक टेक्स्ट रूप में मतदाता सूची प्रकाशित करने के निर्देश जारी किए जाने चाहिए और उन्हें अंतिम रूप से प्रकाशित करने से पहले सभी शिकायतों पर तेजी से फैसले लिए जाने चाहिए। 


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने यह भी कहा था कि चुनाव आयोग को निर्देश दिया जाना चाहिए कि वह हर चुनाव क्षेत्र में 10 फीसदी मतदान केंद्रों में ईवीएम में डाले गए वोटों का मिलान वीवीपीएटी पर्चियों से औचक तौर पर किया जाना चाहिए। 

 
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