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पीके के लिए खट्टा-मीठा रहा पांच राज्यों का विधानसभा का चुनाव

Sat, 11 Mar 2017 03:39 PM IST
शशिधर पाठक
शशिधर पाठक Updated Sat, 11 Mar 2017 03:39 PM IST
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Assembly elections 2017 for five states, being sour-sweet for Prashant kisore
- फोटो : social media
कांग्रेस के चुनाव प्रचार के रणनीतिकार प्रशांत किशोर के पांच राज्यों का चुनाव नतीजा खट्टा-मीठा रहा। पंजाब में प्रशांत किशोर ने पूरी जान लड़ा दी थी और वहां कांग्रेस बहुमत से सरकरा बनाने जा रही है। इसके बरअक्स उत्तराखंड में कांग्रेस का ताज ताश के पत्ते की तरह भरभरा कर गिर गया। यही स्थिति उ.प्र. में रही। प्रशांत किशोर की सारी रणनीति धरी की धरी रह गई।
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उ.प्र.  में कांग्रेस को अपनी इज्जत बचाने के लिए प्रशांत किशोर लगातार उसे गठबंधन की सलाह देते रहे। प्रशांत किशोर की स्टेटिक्स पर ही भरोसा करके पार्टी ने उन्हें मुलायम सिंह यादव और फिर अखिलेश यादव के पास भेजा था। हालांकि टीम प्रशांत किशोर के सदस्य बताते हैं कि उ.प्र. में पीके को खुलकर काम करने का अवसर नहीं मिल पाया। पीके के साथ कांग्रेस महासचिव गुलाम नबी आजाद, राज बब्बर, संजय सिंह, प्रमोद तिवारी के साथ केमिस्ट्री नहीं बन पाई। इतना ही प्रशांत किशोर उ.प्र. में खुलकर काम नहीं कर पाए। उन्हें कांग्रेस के भीतर काफी विरोध का सामना करना पड़ा था।
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लेकिन रोज मिलते थे अखिलेश से

समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन होने के बाद प्रशांत किशोर लगातार अखिलेश के संपर्क में रहे। सूत्र बताते हैं कि अखिलेश और पीके की अंदरुनी केमिस्ट्री इस तरह की थी मुख्यमंत्री के साथ चुनाव प्रचार के दौरान भी उनके हेलीकाप्टर में पीके होते थे। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र चौधरी के अनुसार पीके और अखिलेश हर रोज मिलते थे। अखिलेश पीके पर काफी भरोसा कर रहे थे। स्थिति यह हो गई थी पीके राहुल गांधी को उतना समय नहीं दे पा रहे थे, जितना कि वह अखिलेश के लिए उपलब्ध रहते थे।
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पंजाब में था चेहरा

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पंजाब की प्रभारी आशा कुमारी का कहना है कि पीके ने बड़ी मेहनत की है, लेकिन हम अपने नेताओं के प्रयास को नजरअंदाज नहीं कर सकते। पंजाब में कांग्रेस पार्टी के पास कैप्टन अमरिंदर सिंह का मजबूत चेहरा है। नवजोत सिंह सिद्धू का आना, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी का लगातार पंजाब लेकर सक्रिय रहना भी काफी अहम है। पंजाब में पीके ने कैप्टन की छवि, पार्टी की छवि बनाने, निखारने में अहम भूमिका निभाई थी। 
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