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छत्तीसगढ़ चुनाव 2018: विधानसभा की इन सीटों पर महिलाएं तय करेंगी चुनाव का रुख
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Updated Fri, 26 Oct 2018 01:23 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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छत्तीसगढ़ की 90 सीटों वाली विधानसभा में ऐसे 22 निर्वाचन क्षेत्र हैं जिनमें महिला मतदाता बहुमत में हैं और इस बार वह चुनाव का रुख तय करेंगी।
महिलाओं के वोट के महत्त्व को देखते हुए पांच अक्टूबर को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मातृ शक्ति सम्मलेन को संबोधित किया था। इस सम्मलेन में उन्होंने कांग्रेस को केवल चुनाव में हराने की अपील ही नहीं की बल्कि कांग्रेस को राज्य में खत्म कर देने की अपील की थी।
पिछले विधानसभा चुनावों में भी महिला मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 77.32 फीसदी था जो पुरुष मतदाताओं से 0.3 फीसदी अधिक था। दिलचस्प बात ये है कि महिला बहुल इन सीटों से 2013 के विधानसभा चुनाव में केवल दो सीटों पर कांग्रेस की महिला प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी। इन 22 सीटों में से 13 पर कांग्रेस, आठ पर भाजपा और एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी ने कब्जा किया था।
इसके अलावा अगर बात पूरे विधानसभा की करें तो पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा ने कुल 24 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया था, जिनमें कांग्रेस की 13 महिला उम्मीदवारों में से 4 ने जबकि भाजपा की 11 महिला प्रत्याशियों में से 6 निर्वाचित हुई थीं।
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भाजपा ने अब तक इस विधानसभा चुनाव के लिए 77 उम्मीदवारों की घोषणा की है, इनमें दो दर्जन से ज्यादा महिला उम्मीदवारों को प्रत्याशी बनाया गया है। महिला बहुल इन 22 सीटों पर भाजपा ने केवल 4 महिलाओं को ही टिकट दिया है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा की 22 महिला बहुल सीटें
पत्थलगांव, धरमजयगढ़, खल्लारी, मरवाही, कवर्धा, महासमुंद, बिंद्रावांगढ़, सिहावा, खुज्जी , मोहला-मानपुर, कांकेर , भानुप्रतापपुर, केशकाल, नारायणपुर, चित्रकोट, दंतेवाड़ा, जगदलपुर, बस्तर, कोंटा, बीजापुर और कोंडागांव डौंडी लोहरा
छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में चुनाव होने वाले हैं। दक्षिणी छत्तीसगढ़ में पहले चरण में 12 नवंबर को जबकि उत्तरी छत्तीसगढ़ में 20 नवंबर को मतदान होने हैं। इन विधानसभा चुनावों में महिलाएं बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।
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महिलाओं के वोट के महत्त्व को देखते हुए पांच अक्टूबर को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मातृ शक्ति सम्मलेन को संबोधित किया था। इस सम्मलेन में उन्होंने कांग्रेस को केवल चुनाव में हराने की अपील ही नहीं की बल्कि कांग्रेस को राज्य में खत्म कर देने की अपील की थी।
पिछले विधानसभा चुनावों में भी महिला मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 77.32 फीसदी था जो पुरुष मतदाताओं से 0.3 फीसदी अधिक था। दिलचस्प बात ये है कि महिला बहुल इन सीटों से 2013 के विधानसभा चुनाव में केवल दो सीटों पर कांग्रेस की महिला प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी। इन 22 सीटों में से 13 पर कांग्रेस, आठ पर भाजपा और एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी ने कब्जा किया था।
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इसके अलावा अगर बात पूरे विधानसभा की करें तो पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा ने कुल 24 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया था, जिनमें कांग्रेस की 13 महिला उम्मीदवारों में से 4 ने जबकि भाजपा की 11 महिला प्रत्याशियों में से 6 निर्वाचित हुई थीं।
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भाजपा ने अब तक इस विधानसभा चुनाव के लिए 77 उम्मीदवारों की घोषणा की है, इनमें दो दर्जन से ज्यादा महिला उम्मीदवारों को प्रत्याशी बनाया गया है। महिला बहुल इन 22 सीटों पर भाजपा ने केवल 4 महिलाओं को ही टिकट दिया है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा की 22 महिला बहुल सीटें
पत्थलगांव, धरमजयगढ़, खल्लारी, मरवाही, कवर्धा, महासमुंद, बिंद्रावांगढ़, सिहावा, खुज्जी , मोहला-मानपुर, कांकेर , भानुप्रतापपुर, केशकाल, नारायणपुर, चित्रकोट, दंतेवाड़ा, जगदलपुर, बस्तर, कोंटा, बीजापुर और कोंडागांव डौंडी लोहरा
छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में चुनाव होने वाले हैं। दक्षिणी छत्तीसगढ़ में पहले चरण में 12 नवंबर को जबकि उत्तरी छत्तीसगढ़ में 20 नवंबर को मतदान होने हैं। इन विधानसभा चुनावों में महिलाएं बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।