{"_id":"5dba18508ebc3e01557e8afd","slug":"assembly-by-elections-will-be-challenging-for-bjp-and-trinamool-congress","type":"story","status":"publish","title_hn":"पश्चिम बंगाल: भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण होंगे विधानसभा उपचुनाव","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
पश्चिम बंगाल: भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण होंगे विधानसभा उपचुनाव
Thu, 31 Oct 2019 07:09 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 31 Oct 2019 07:09 AM IST
विज्ञापन
अमित शाह और ममता बनर्जी (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पश्चिम बंगाल में अगले महीने विधानसभा की तीन सीटों के लिए होने वाले उपचुनाव सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के लिए कड़ी चुनौती साबित होंगे। बीते लोकसभा चुनाव के बाद यह पहला मौका होगा जब यह दोनों राजनीतिक दल चुनावी मैदान में फिर आमने-सामने होंगे। जिन तीन सीटों के लिए उपचुनाव होने हैं उनमें से एक-एक पर तृणमूल कांग्रेस, भाजपा और कांग्रेस का कब्जा रहा है।
विज्ञापन
अगले महीने पश्चिम मेदिनीपुर जिले की खड़गपुर, नदिया जिले की करीमपुर और उत्तर दिनाजपुर की कालियगंज सीटों के लिए उपचुनाव होगा। कालियगंज सीट कांग्रेस विधायक प्रमथनाथ राय के निधन से खाली हुई है जबकि खड़गपुर सीट से पिछली बार विधायक चुने गए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के लोकसभा सदस्य चुने जाने से रिक्त हुई है।
विज्ञापन
वहीं, करीमपुर की तृणमूल विधायक महुआ मित्र ने भी कृष्णनगर संसदीय सीट से जीतने के बाद इस्तीफा दे दिया था। भाजपा के सामने इन चुनावो में जहां लोकसभा के प्रदर्शन को दोहराने की चुनौती होगी, वहीं तृणमूल कांग्रेस इन तीनों सीटों को जीत कर अपने पैरों तली खिसकती जमीन को बचाने का प्रयास करेगी। कांग्रेस और माकपा ने मिलकर उपचुनाव लड़ने का फैसला किया है। कांग्रेस खड़गपुर व कालियगंज सीटों पर चुनाव लड़ेगी। वाममोर्चा के हिस्से खड़गपुर सीट आई है।
विज्ञापन