फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   assam muslims vote

असम में मुसलमानों के रुख से कांग्रेस में उत्साह

Thu, 31 Mar 2016 04:19 AM IST
विनोद अग्निहोत्री / गुवाहाटी
विनोद अग्निहोत्री / गुवाहाटी Updated Thu, 31 Mar 2016 04:19 AM IST
विज्ञापन
assam muslims vote
sonia gandhi - फोटो : pti
असम में मुसलमानों के रुख से जहां कांग्रेस उत्साहित है, वहीं इत्र कारोबारी और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल खासे दबाव में हैं। उन्हें अपनी ओर से यह घोषणा करनी पड़ रही है कि चुनाव के बाद वह कांग्रेस का समर्थन कर सकते हैं।
विज्ञापन


पिछली बार अजमल की पार्टी एआईडीयूएफ की वजह से मुसलमानों में कांग्रेस का खासा नुकसान हुआ था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अंजन दत्तो का दावा है कि इस बार मुसलमानों का भारी समर्थन कांग्रेस को मिलेगा।
विज्ञापन


असम देश का एक ऐसा राज्य है, जहां औसतन 34 फीसदी आबादी मुसलमानों की है, जिनमें असम के मूल निवासी असमिया मुसलमान और बांग्लादेश से यहां आकर बसे मुसलमान दोनों शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


राज्य की 126 विधानसभा सीटों में से निचले (लोअर) असम की 43 सीटें तो इस कदर मुस्लिम बहुल हैं कि वहां मुकाबला ही कांग्रेस और एआईयू्डीएफ के बीच है। बारपेटा से धुबरी तक जाने पर गांव के गांव उन मुसलमानों के ही दिखते हैं, जो सालों पहले बांग्लादेश से यहां आकर बसे।

इन्हें बांग्लादेशी मुसलमान कहा जाता है और इस इलाके को अजमल का गढ़ माना जाता है, जहां से पिछली बार 2011 को एआईयूडीएफ ने 18 सीटें जीती थीं। धुबरी में करीब 80 फीसदी आबादी मुसलमानों की है।

इसके अलावा बराक घाटी की 15 विधानसभा सीटों पर असमिया मुसलमानों की खासी तादाद है। औसतन यहां भी 50 फीसदी आबादी मुसलमानों की है, जिनमें करीमगंज में तो 58 फीसदी मुस्लिम आबादी है।

कालाटंकडी, कछार सिलचर में करीब 38 फीसदी मुस्लिम आबादी है। इसी तरह मध्य असम के मोरेगांव नौगांव जिलों में भी 35 से 40 फीसदी आबादी मुसलमानों की है। कांग्रेस की सारी उम्मीद लोअर असम, बराक घाटी और मध्य असम की इन्हीं सीटों पर टिकी हुई है। पार्टी को उम्मीद है कि इस बार भाजपा को रोकने के लिए मुसलमानों का एकमुश्त वोट कांग्रेस के पक्ष में जा सकता है।

मुसलमानों ने कांग्रेस को बताया पहली पसंद

assam muslims vote

गुवाहाटी से रांगिया, नलबारी, पाठशाला होते हुए बारपेटा तक और गुवाहाटी से मोरेगांव, नौगांव, गोलाघाट, नमुलिया गढ़ से जोरहाट तक जितने भी मुसलमानों से बात हुई सबने कांग्रेस को अपनी पहली पसंद बताया।

नलबारी केहोरीपुर में मोटर साइकिल से जा रहे रियाजुद्दीन और जमशेद कहते हैंsss कि उनके इलाके में कांग्रेस और भाजपा केबीच मुकाबला है, जिसमें कांग्रेस का पलड़ा भारी है। एआईयूडीएफ केबारे में पूछने पर कहते हैं कि अजमल साहब इत्र के कारोबारी हैं, उन्हें उस पर ही ध्यान देना चाहिए।

जबकि कुछ और आगे जाने पर नलबाड़ी के मुस्लिम बहुल जिप्चा गांव के रियाजुद्दीन, मुशर्रफ अली, मुश्ताक आदि ग्रामीण कहते हैं कि मुकाबला कांग्रेस और एआईयूडीएफ के बीच है, भाजपा कहीं नहीं है। ये ग्रामीण भी अपनी पहली पसंद कांग्रेस को बताते हैं।

बांग्लादेशी मुसलमान भी कांग्रेस के पक्ष में
बारपेटा जिले के राजाखाट में एक मस्जिद केपास बैठे मुसलमानों से बात होती है तो उनकी जुबान से भी पहला नाम कांग्रेस का ही निकलता है। शाहजहां अली, इस्माइल हुसैन, मोहम्मद खलीलुर्रहमान को इस बात की बेहद तकलीफ है कि उन्हें बांग्लादेशी कहा जाता है जबकि उनके पिता यहां 1950 में आए थे, जब बांग्लादेश बना भी नहीं था।

यह लोग बताते हैं कि पिछली बार उन्होंने एआईयूडीएफ का समर्थन किया था, लेकिन इस बार कांग्रेस की तरफ लोगों का झुकाव ज्यादा है। जोरहाट केरास्ते में अब्दुल जाकिर और इसफाकुल हुसैन से मुलाकात होती है।

इशारों में वह भी अपनी पसंद हाथ केनिशान को बताते हैं। तीताबर चार अली में मोहम्मद जुबैर और आलम खान कहते हैं कि यहां ही नहीं पूरे असम में मुसलमानों का रुख इस बार कांग्रेस की ओर है।

गोलाघाट की एक दुकान पर शराफत अली, सुलेमान अली और मुहम्मद जुनैद से अपने इलाके में कांग्रेस और भाजपा का मुकाबला बताते हैं। अपनी पसंद साफ न बताने के बावजूद यह कहते हैं कि तरुण गोगोई खानदानी आदमी हैं और उनकी छवि साफ सुथरी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed