राहुल गांधी पर बरसे असम के मंत्री, बोले - कोई सीएए की बात नहीं कर रहा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस ने आज से असम में विधानसभा चुनावों के लिए चुनावी अभियान की शुरुआत कर दी। एक रैली के दौरान राहुल गांधी ने सीएए को कभी नहीं लागू करने की बात की, इस पर असम के मंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा ने कहा कि यहां पर कोई भी सीएए पर चर्चा नहीं करता है।
हेमंत बिस्वा शर्मा ने राहुल गांधी के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि आप सोशल मीडिया चेक कर सकते हैं, यहां कोई भी सीएए पर चर्चा नहीं कर रहा है। असम के लोग यहां इस बात की चर्चा करने में व्यस्त हैं कि असम सरकार ने राज्य की बच्चियों को स्कूटी उपहार में दी है।
Nobody is discussing CAA. You can check social media. People are busy discussing that Assam has given scooty to girl students, and which two-wheeler the boys will get. Congress is behind by 50 years, brings up stale issues: Assam Minister Himanta Biswa Sarma pic.twitter.com/cWquC686AF
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) February 14, 2021
यही नहीं, यहां के लोग इस चर्चा में व्यस्त रहते हैं कि राज्य सरकार लड़कों को टू-व्हीलर देने वाली है। कांग्रेस अभी भी 50 साल पीछे है और बासी मुद्दे उठाकर ला रही है। इसके अलावा, असम के मंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा ने यह भी कहा कि वो असम को किससे बचाना चाहते हैं।
हेमंत बिस्वा शर्मा ने कहा कि अगर वो किसी से असम को बचाना ही चाहते हैं तो पहले अप्रवासी मुसलमानों के खिलाफ खड़े हो और यह कहें कि हम असम की संस्कृति को बचाएंगे। बता दें कि आज कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी असम में 'असम बचाओ यात्रा' की शुरुआत कर दी है।
इस दौरान उन्होंने एक रैली को संबोधित किया और कहा कि अवैध इमिग्रेशन एक मुद्दा है, लेकिन असम के लोगों में वो क्षमता है कि इस मुद्दे को वे खुद सुलझा सकते हैं। राहुल सहित कांग्रेस के नेता 'नो सीएए' (सीएए नहीं) का गमछा पहने नजर आए।
भारतीय और असमी संस्कृति बचाने के लिए अतिवादी हूं: सरमा
वहीं, विपक्ष द्वारा उन्हें और एआईयूडीएफ सांसद बदरुद्दीन अजमल को ध्रुवीकरण की राजनीति करने वाले सबसे अतिवादी शख्स कहे जाने पर सरमा ने कहा कि वह (अजमल) समाज सेवा के नाम पर कट्टरपंथी संगठन से पैसा ला रहे हैं। एक व्यक्ति के तौर पर नहीं लेकिन सांकेतिक तौर पर कुछ लोग हमारे दुश्मन हैं। उन्होंने कहा, अगर उन्होंने मुझे ऐसा कहा है तो मैं खुश हूं। मैं भारतीय और असमी संस्कृति बचाने के लिए अतिवादी हूं। अगर किसी ने मुझे यह उपाधि दी है तो उनको मेरा धन्यवाद।