नागरिकता कानून : असम में सुधर रहे हालात, इंटरनेट सेवा बहाल
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नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों के चलते असम में बिगड़े हालात को लेकर राज्य सरकार ने सबकुछ सामान्य होने की बात कही है। साथ ही अपने दावे को पुख्ता करते हुए सरकार ने कर्फ्यू हटाने का फैसला भी किया है। असम में भाजपा विधायक हिमंत बिस्वा सरमा के मुताबिक असम सरकार ने मंगलवार से कर्फ्यू (रात का कर्फ्यू भी) को पूरी तरह हटाने का निर्णय किया है। इसके साथ ही ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा भी बहाल कर दी गई है। इससे पहले सोमवार को गुवाहाटी में दिन का कर्फ्यू हटाया गया था।
Assam Government has decided to lift curfew completely from Tuesday December 17, 2019, including the night curfew. The broad band internet connectivity will also stand restored from tomorrow.
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) December 16, 2019विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल की अध्यक्षता में हुई कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया। बता दें कि नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ उत्तर-पूर्वी राज्यों में उग्र प्रदर्शन हुए जिससे यहां की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। बता दें कि असम में अब तक 85 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं वहीं पांच लोगों की मौत हो चुकी है।
बता दें कि असम के स्कूल-कॉलेज 22 दिसंबर तक के लिए बंद कर दिए गए हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया का दुरुपयोग रोकने के लिए 16 दिसंबर तक इंटरनेट सेवाएं बंद रखने का एलान किया गया था। यहां हो रहे प्रदर्शनों में तीन रेलवे स्टेशन, एक पोस्ट ऑफिस, एक बैंक, एक बस टर्मिनस समेत कई सार्वजनविक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया है।
वहीं, कई दुकानों और गाड़ियों में या तो आग लगा दी गई या तोड़फोड़ की गई। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री सोनोवाल जल्द ही वहां के हालात को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर सकते हैं।