Politics: 'भारत आज ताकत के साथ बोलता है, न कि समर्पण के साथ', हिमंत बिस्व सरमा ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'सरेंडर मोदी' कहे जाने पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा का कहना है कि कांग्रेस खुद देश की सुरक्षा, संप्रभुता और गौरव से कई बार समझौता कर चुकी है। उन्होंने कांग्रेस के कई 'आत्मसमर्पण' उदाहरण गिनाए हैं।
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'पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत याचना नहीं करता'
हिमंत बिस्व सरमा ने आगे लिखा- 'पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत याचना नहीं करता है। हम उरी में कार्रवाई करते हैं, हम बालाकोट में हमला करते हैं, हम गलवान में अपनी जमीन पर खड़े होते हैं, और हम विश्व स्तर पर नेतृत्व करते हैं। सेना से लेकर कूटनीति तक, अर्थव्यवस्था से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा तक-भारत आज ताकत के साथ बोलता है, न कि समर्पण के साथ। कांग्रेस को अपने कायरता के इतिहास को ऐसे नेता के कंधों पर थोपना बंद करना चाहिए जो झुकने से इनकार करता है। भारत याद रखता है। भारत उठ खड़ा हुआ है। और भारत फिर से आत्मसमर्पण नहीं करेगा।'
Rahul Gandhi has the audacity to mock the Hon’ble Prime Minister @narendramodi as “Surrender Modi” despite the massive success of #OperationSindoor .
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Let’s jog his memory as to which party and family has surrendered India’s interest and territory, and backstabbed the people… — Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) June 5, 2025
कांग्रेस का 'सरेंडर' इतिहास:
- 1947–48 (PoK का नुकसान): पंडित नेहरू ने कश्मीर संघर्ष के दौरान भारत की सेना की बढ़त रोक दी और मामला संयुक्त राष्ट्र ले गए, जिससे पाकिस्तान को कब्जे वाला कश्मीर (PoK) मिल गया।
- 1962 (अक्साई चिन चीन को): चीन ने बिना गोली चलाए भारत का 38,000 वर्ग किमी क्षेत्र हड़प लिया। उस समय नेहरू ने असम पर चीनी खतरे के जवाब में कहा, 'मेरा दिल असम के लोगों के साथ है।'
- 1972 (पाक सैनिक छोड़ना): 1971 युद्ध में भारत ने पाकिस्तान के 93,000 सैनिकों को पकड़ा, लेकिन इंदिरा गांधी ने उन्हें बिना कोई शर्त छोड़ा। न तो PoK वापस मिला और न ही कोई मुआवज़ा।
- 1995 (परमाणु परीक्षण टाले): अमेरिकी दबाव में कांग्रेस सरकार ने भारत का परमाणु परीक्षण टाल दिया। 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत को परमाणु शक्ति घोषित किया।
- 2008 (मुंबई हमला, कोई जवाब नहीं): 26/11 हमले में 166 निर्दोष मारे गए, लेकिन कांग्रेस सरकार ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया।
- 2009 (शर्म-अल-शेख में बलूचिस्तान मुद्दा): यूपीए सरकार ने पाकिस्तान की भाषा में बलूचिस्तान का जिक्र कर दिया, जिससे भारत की स्थिति कमजोर हुई।
- 2012 (सर क्रीक का मामला): कांग्रेस सरकार ने पाकिस्तान को रणनीतिक 'सर क्रीक' इलाका देने की योजना बनाई थी, जिसे तब गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी ने उजागर किया।
- चीन की घुसपैठ पर चुप्पी: देपसांग, अरुणाचल और चुमर जैसे क्षेत्रों में चीनी घुसपैठ पर कांग्रेस सरकारें चुप रहीं।
- गुप्त बातचीत: कश्मीर सीमा को नरम करने की गुप्त कोशिशें, पाकिस्तान से समझौते और जनता से छुपी रणनीतियां।
जो कांग्रेस सेना की सर्जिकल स्ट्राइक और एयरस्ट्राइक पर सवाल उठाती है, वही अब प्रधानमंत्री को 'सरेंडर मोदी' कह रही है?
उन्होंने आखिरी में कहा- मोदी सरकार का दृष्टिकोण है कि आज भारत न झुकता है, न डरता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज आत्मनिर्भर, सशक्त और गर्वित राष्ट्र बना है।
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