असम: राजीव गांधी राष्ट्रीय पार्क का नाम किया ओरंग राष्ट्रीय उद्यान, गर्माई सियासत, सरमा व सुरजेवाला में वार-पलटवार
आदिवासी और चाय जनजाति समुदाय के लोगों ने मुख्यमंत्री से राष्ट्रीय उद्यान का नाम बदलने का अनुरोध किया था। समुदाय की इस मांग पर सरकार ने पार्क का नाम बदलने का फैसला किया है।
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असम सरकार ने राजीव गांधी राष्ट्रीय उद्यान का नाम बदलकर ओरंग राष्ट्रीय उद्यान कर दिया है। इसे लेकर राज्य में सियासत गर्मा गई है। असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि मूल नाम बहाल किया गया है। जबकि दिल्ली में कांग्रेस प्रर्वक्ता रणदीप सुरजेवाला ने उन पर पलटवार किया है।
असम के जल संसाधन मंत्री पीयूष हजारिका ने कहा ने कहा कि कुछ दिनों पहले, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आदिवासी और चाय जनजाति समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की थी। इसमें आदिवासी और चाय जनजाति समुदाय के लोगों ने मुख्यमंत्री से राष्ट्रीय उद्यान का नाम बदलने का अनुरोध किया था। आदिवासी और चाय जनजाति समुदाय की मांग को ध्यान में रखते हुए असम कैबिनेट ने राजीव गांधी राष्ट्रीय उद्यान का नाम बदलकर ओरंग राष्ट्रीय उद्यान करने का फैसला किया है। इसे 1985 में एक वन्यजीव अभयारण्य और 1999 में एक राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था। दरांग और सोनितपुर जिलों में ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर स्थित इस राष्ट्रीय उद्यान में रॉयल बंगाल टाइगर, इंडियन राइनो, पिग्मी हॉग और जंगली हाथियों जैसे जंगली जानवर रहते हैं।
कैबिनेट बैठक में लिए गए कई फैसले
मंत्री पीयूष हजारिका ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि कैबिनेट में इसके अलावा भी कई अन्य फैसले लिए गए हैं। अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियन जमुना बोरो और अंतर्राष्ट्रीय तीरंदाजी चैंपियन संजय बोरो को आबकारी निरीक्षक नियुक्त करने का निर्णय लिया गया। दोनों एथलिट्स को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित भोगेश्वर बरुआ के जन्मदिन (3 सितंबर) पर नियुक्ति पत्र दिया जाएगा।
मूल नाम बहाल किया गया, कोई राष्ट्रीय पार्क किसी व्यक्ति के नाम नहीं : सीएम सरमा
असम के सीएम हिमंत सरमा ने इस विवाद के बीच कहा कि वह मामला साफ करना चाहते हैं। सरमा ने कहा कि औरंग नेशनल पार्क का नामकरण नहीं बदला गया है। असम में किसी राष्ट्रीय उद्यान का नामकरण किसी व्यक्ति के नाम नहीं है। 2005 में तत्कालीन सरकार ने इस परंपरा को तोड़ा और इस पूर्व पीएम राजीव गांधी का नाम चस्पा कर दिया गया। स्थानीय भावनाओं का सम्मान करते हुए मूल नाम को बहाल किया गया है।
Wish to clear the air - Orang national park hasn't been renamed. No National parks in Assam named after any person. In 2005, Govt broke this convention & name of former PM Rajiv Gandhi was affixed. Original name restored to honour local sentiments: Assam CM Himanta Biswa Sarma pic.twitter.com/ZzEbwipCMZ
— ANI (@ANI) September 2, 2021
पार्कों से शहीदों का नाम मिटाकर कुछ हासिल नहीं होगा : सुरजेवाला
उधर, कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, 'जो व्यक्ति असम का CM बना बैठा है, जो कहा करता था कि राजीव गांधी की वजह से राजनीति में हूं। उनका नाम मिटाकर क्या समझता है कि मिट जाएगा। पार्कों से शहीदों का नाम मिटाकर कुछ हासिल नहीं होने वाला।'
जो व्यक्ति असम का CM बना बैठा है, जो कहा करता था कि राजीव गांधी की वजह से राजनीति में हूं। उनका नाम मिटाकर क्या समझता है कि मिट जाएगा। पार्कों से शहीदों का नाम मिटाकर कुछ हासिल नहीं होने वाला:असम में राजीव गांधी राष्ट्रीय पार्क का नाम बदले जाने पर रणदीप सिंह सुरजेवाला,कांग्रेस pic.twitter.com/bFVarXd67S
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 2, 2021