Assam Assembly: महाराष्ट्र के विधायक के बयान पर असम विधानसभा में हंगामा, राज्यपाल को खत्म करना पड़ा अभिभाषण
महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य बच्चू कडू ने कथित तौर पर सदन में एक प्रस्ताव रखा था कि आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी को नियंत्रित करने के लिए उन्हें असम भेजा जाए, क्योंकि इस पूर्वोत्तर राज्य में स्थानीय लोग इसका सेवन करते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाराष्ट्र के एक विधायक के विवादित बयान पर शुक्रवार को असम की विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। विपक्षी सदस्यों ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के अभिभाषण के दौरान व्यवधान पैदा किया। कटारिया को बजट सत्र के पहले दिन अपना अभिभाषण 15 मिनट में ही खत्म करना पड़ा, क्योंकि विपक्षी सदस्य खड़े हो गये और नारेबाजी करने लगे। विपक्षी सदस्यों ने यह भी जानना चाहा कि महाराष्ट्र के विधायक के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।
विधायक ने बयान में क्या कहा था?
महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य बच्चू कडू ने कथित तौर पर सदन में एक प्रस्ताव रखा था कि आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी को नियंत्रित करने के लिए उन्हें असम भेजा जाए, क्योंकि इस पूर्वोत्तर राज्य में स्थानीय लोग इसका सेवन करते हैं।
कांग्रेस विधायक ने उठाया यह मामला
कटारिया ने जैसे ही अपना अभिभाषण शुरू किया, कांग्रेस विधायक कमलाख्या डे पुरकायस्थ ने यह मामला उठाया। निर्दलीय विधायक अखिल गोगोई ने भी कहा कि इस मुद्दे को राज्यपाल के अभिभाषण में शामिल किया जाना चाहिए। विपक्षी विधायकों द्वारा कार्यवाही में व्यवधान जारी रखने के कारण कटारिया को अपना अभिभाषण बीच में ही खत्म करना पड़ा।
Assam: असम पुलिस ने ट्रक से जब्त कीं कफ सिरप की तीन हजार बोतलें, दो गिरफ्तार
सदन में पेश किया गया असम जन सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन विधेयक, 2023
इसके अलावा, असम सरकार ने आज राज्य विधानसभा में एक विधेयक पेश किया, जिसमें सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों को लगाना अनिवार्य करने की बात कही गई है। प्रस्तावित कानून के अनुसार, संबंधित स्थानों के मालिकों को एक निर्धारित अवधि के भीतर निगरानी उपकरण स्थापित करना होगा, ऐसा नहीं करने पर स्थानीय अधिकारियों द्वारा परिसर को सील किया जा सकता है।
आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री अशोक सिंघल ने सदन में असम जन सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन विधेयक, 2023 पेश किया। एक बयान में विधेयक के उद्देश्यों और कारणों का जिक्र किया गया है। इसमें कहा गया है कि प्रस्तावित अधिनियम अपराध के खिलाफ एक कवच के रूप में काम करेगा और यह लागू होने से वाणिज्यिक स्थानों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, धार्मिक स्थानों, शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी भवनों, खेल परिसरों, आवासीय भवनों आदि जैसे क्षेत्रों में सार्वजनिक सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सकेगा।
अगरतला में कांग्रेस और वाम दलों के कार्यकर्ताओं पर हमला, भाजपा पर लगाया आरोप
असम से कांग्रेस सांसद अब्दुल खालिक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के एक समूह और वाम कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया। उन्होंने बताया कि वे भाजपा कार्यकर्ता थे और हम पर हमला किया और पथराव किया। हमारे 3-4 वाहनों में तोड़फोड़ की गई। पुलिस ने कुछ नहीं किया। हम महसूस कर रहे हैं कि त्रिपुरा में कानून का शासन नहीं है।