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मुंबई में जन्मा ये शख्स होगा भारत में अमेरिका का राजदूत
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 10 Jan 2017 01:42 PM IST
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राजदूत
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भारतीय मूल के भारतीय-अमेरिकी भारत में अमेरिका के राजदूत बन सकते हैं। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, 20 जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति पद पर शपथ लेने के साथ ही एश्ले टेलीस भारत में अमेरिका के राजदूत बन सकते हैं।
एश्ले टेलीस का जन्म मुंबई में हुआ। उनकी शिक्षा भारत में ही हुई और बताया जा रहा है कि वह रिचर्ड वर्मा के बाद भारत में अमेरिका के अगले राजदूत होंगे।
एश्ले टेली अंतर्राष्ट्रीय शांति के लिए कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस स्पेशियलाइजिंग इन इंटरनेशनल सिक्युरिटी में वरिष्ठ सदस्य हैं। इसके साथ ही वह रक्षा और एसिया में रणनीतिक मुद्दे के जानकार माने जाते हैं।
मुंबई यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने वाले एश्ले शिकागो यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने के लिए अमेरिका गए थे। वह नई दिल्ली में साल 2001-03 में अमेरिका के राजदूत रॉबर्ट ब्लैकवील के वरिष्ठ सलाहकार के रूप में कार्य कर चुके हैं। वह अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में राष्ट्रपति बुश के एसिस्टेंट के रूप में कार्य कर चुके हैं। इसके साथ ही वह भारत के साथ हुए सिविल न्यूक्लियर डील में भी शामिल रह चुके हैं।
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बताते चलें कि 48 साल के रिचर्ड वर्मा ट्रंप के राष्ट्रपति पद संभालने से पहले अपना पद छोड़ देंगे। ट्रंप की टीम ने बताया कि जिन राजदूतों की राजनीतिक नियुक्ति की गई है।
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एश्ले टेलीस का जन्म मुंबई में हुआ। उनकी शिक्षा भारत में ही हुई और बताया जा रहा है कि वह रिचर्ड वर्मा के बाद भारत में अमेरिका के अगले राजदूत होंगे।
एश्ले टेली अंतर्राष्ट्रीय शांति के लिए कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस स्पेशियलाइजिंग इन इंटरनेशनल सिक्युरिटी में वरिष्ठ सदस्य हैं। इसके साथ ही वह रक्षा और एसिया में रणनीतिक मुद्दे के जानकार माने जाते हैं।
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मुंबई यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने वाले एश्ले शिकागो यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने के लिए अमेरिका गए थे। वह नई दिल्ली में साल 2001-03 में अमेरिका के राजदूत रॉबर्ट ब्लैकवील के वरिष्ठ सलाहकार के रूप में कार्य कर चुके हैं। वह अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में राष्ट्रपति बुश के एसिस्टेंट के रूप में कार्य कर चुके हैं। इसके साथ ही वह भारत के साथ हुए सिविल न्यूक्लियर डील में भी शामिल रह चुके हैं।
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बताते चलें कि 48 साल के रिचर्ड वर्मा ट्रंप के राष्ट्रपति पद संभालने से पहले अपना पद छोड़ देंगे। ट्रंप की टीम ने बताया कि जिन राजदूतों की राजनीतिक नियुक्ति की गई है।
20 जनवरी को पद छोड़ देंगे रिचर्ड
रिचर्ड वर्मा
वर्मा 20 जनवरी को ट्रंप के पद संभालने से पहले राजदूत का पद छोड़ देंगे। वर्मा ने असैन्य परमाणु करार को अमेरिकी संसद कांग्रेस में पारित कराने में अहम भूमिका निभाई थी।
वर्मा ने जनवरी 2015 में भारत में अमेरिका के 25वें राजदूत का पदभार संभाला था। विधायी मामलों के सहायक विदेश मंत्री रह चुके वर्मा ने नैंसी पॉवेल की जगह ली थी। पॉवेल ने भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागड़े के साथ अमेरिका में हुई बदसलूकी पर पैदा हुए विवाद की पृष्ठभूमि में मार्च 2014 में इस्तीफा दे दिया था ।
वर्मा ने जनवरी 2015 में भारत में अमेरिका के 25वें राजदूत का पदभार संभाला था। विधायी मामलों के सहायक विदेश मंत्री रह चुके वर्मा ने नैंसी पॉवेल की जगह ली थी। पॉवेल ने भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागड़े के साथ अमेरिका में हुई बदसलूकी पर पैदा हुए विवाद की पृष्ठभूमि में मार्च 2014 में इस्तीफा दे दिया था ।