{"_id":"62cfcd6f6a26ce7afd66335f","slug":"asaduddin-owaisi-on-mohan-bhagwat-population-statement-says-i-will-not-support-any-law-that-mandates-2-children-only-policy-as-it-would-not-benefit-the-country","type":"story","status":"publish","title_hn":"भागवत पर बरसे ओवैसी: बोले- केवल दो बच्चों वाली नीति नहीं चलेगी, भारत की जनसंख्या अपने आप गिर रही","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
भागवत पर बरसे ओवैसी: बोले- केवल दो बच्चों वाली नीति नहीं चलेगी, भारत की जनसंख्या अपने आप गिर रही
Thu, 14 Jul 2022 01:42 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 14 Jul 2022 01:42 PM IST
सार
ओवैसी ने कहा कि अगर भारत सरकार दो बच्चों का मानदंड का बिल लाएगी तो मैं उसका बिलकुल समर्थन नहीं करूंगा क्योंकि यह भारत के बिल्कुल हक में नहीं होगा।
विज्ञापन
असदुद्दीन ओवैसी
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जनसंख्या नियंत्रण को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा दिए गए बयान के बाद सियासत गरमा गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन(AIMIM) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने अब पलटवार करते हुए मोहन भागवत की टिप्पणी को गलत बताया है। ओवैसी ने कहा कि अगर भारत सरकार दो बच्चों का मानदंड का बिल लाएगी तो मैं उसका बिलकुल समर्थन नहीं करूंगा क्योंकि यह भारत के बिल्कुल हक में नहीं होगा। भारत की जनसंख्या अपने आप गिर रही है और 2030 तक यह स्थिर हो जाएगी।
विज्ञापन
RSS चाहती है कि भारत का एक धर्म हो: ओवैसी
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि भारत की 50 फीसदी आबादी 25 वर्ष से कम उम्र के युवाओं की है, उनके लिए मोदी सरकार ने क्या किया? बेरोजगारी इस देश का ज्वलंत मसला है। धर्म परिवर्तन से भारत का क्या ताल्लुक? भारत का कोई धर्म है? RSS चाहती है कि भारत का एक धर्म हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
पता नहीं भागवत धर्म परिवर्तन से क्यों डर रहे: ओवैसी
ओवैसी ने कहा कि भागवत धर्म परिवर्तन से क्यों डर रहे हैं। धर्म परिवर्तन तो भारत के संविधान में एक मौलिक अधिकार है। अगर कोई अपना मजहब चेंज कर रहा है तो उससे आपको (भागवत) क्या तकलीफ हो रही है। कोई भगवान को मानता है, तो कोई अल्लाह को मानता है, कोई नहीं मानता है, यही तो भारत की खूबसूरती है।
जानें क्या कहा था मोहन भागवत ने?
आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा था कि धर्म परिवर्तन अलगाववाद की ओर ले जाता है। धर्मांतरण व्यक्ति को जड़ों से अलग करता है। इसलिए, हमें धर्म परिवर्तन को रोकने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हम चाहते हैं कि भारत, भारत के रूप में बना रहे, तो हमें वह होना चाहिए जो हम (सांस्कृतिक रूप से) हैं, नहीं तो भारत, भारत नहीं रहेगा। इसलिए, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि 'धर्म' हर जगह व्याप्त हो।