नाव में छेद होगा तो वह डूबेगी ही : राजनाथ
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अरुणाचल प्रदेश के मुद्दे को लेकर संसद में जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस पार्टी ने अरुणाचल और उत्तराखंड के राजनीतिक मामलों को लेकर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की। वहीं, सरकार ने भी पलटवार करते हुए उल्टा कांग्रेस को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों प्रदेशों में उत्पन्न हुआ राजनीतिक संकट कांग्रेस का आंतरिक मामला था। उन्होंने कहा कि यदि किसी नाव में छेद होगा तो उस नाव का डूबना तय है।
मंगलवार को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुक्त अपने नारे को अमली जामा पहनाने के लिए केंद्र सरकार गलत तरीकों का इस्तेमाल करके लोकप्रिय सरकारों को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है। अरुणाचल प्रदेश और उत्तराखंड के राजनीतिक घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक तरफ बाबा साहब अंबेडकर की जन्मशती की हम 125वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। पीएम मोदी संविधान के सर्वोपरि होने की बात कर रहे हैं।
मगर केंद्र सरकार कांग्रेस शासित राज्यों में संविधान, लोकतंत्र और जनता के हितों की हत्या कर रही है। उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाया कि वह पिछले दरवाजे से कांग्रेस की सरकारों को कमजोर कर खुद सत्ता हासिल करने में लगी है। खड़गे ने अरुणाचल प्रदेश पर 17 जुलाई को आए सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि शीर्ष न्यायालय ने केंद्र को ऐसा तमाचा मारा है कि अब शायद ही वह ऐसी कोई हरकत करेगी। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा।
चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की इनकी आदत है
खड़गे के आरोपों का जवाब देते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इतिहास की याद दिलाते हुए कहा कि आजादी के बाद देश में लोकप्रिय सरकारों को अस्थिर करने का रिकॉर्ड कांग्रेस का है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से अब तक कांग्रेस पार्टी ने 105 लोकप्रिय सरकारों को अस्थिर किया है।
गृहमंत्री ने अरुणाचल और उत्तराखंड के राजनीतिक संकट को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि किसी भी चुनी हुई सरकार को अस्थिर नहीं करना चाहिए। यह स्वस्थ लोकतंत्र की परिपाटी के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि दोनों प्रदेशों में कांग्रेस की अंदरूनी वजहों से राजनीतिक संकट उत्पन्न हुआ। उन्होंने कहा कि यदि किसी नाव में छेद होगा तो उस नाव का डूबना तय है। अगर विपक्ष चर्चा चाहेगा तो मैं तैयार हूं।
असंतुष्ट कांग्रेसी सांसदों ने किया वाकआउट
गृहमंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस और राजद सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया। इस बीच गृहमंत्री के बयान के दौरान भी कांग्रेस सांसदों ने शोर मचाकर व्यवधान पैदा करने का प्रयास किया। वहीं खडगे के बोलने के दौरान सत्ता पक्ष के सांसदों ने भी थोड़ा हंगामा किया। उनके तमाचा मारने के बयान पर ऐतराज जताते हुए संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने इसे अमर्यादित बताया। लोकसभा अध्यक्ष ने भी इसे कार्यवाही से अलग करने की बात कही।
कम समय मिलने पर कांग्रेस ने हंगामा काटा
इस बीच शून्यकाल में मामला उठाने के वजह से खड़गे को स्पीकर ने कम ही समय दिया। जिस पर कांग्रेस सांसदों ने अध्यक्ष से आग्रह किया जिसके स्वीकार न होने के बाद उन्होंने हंगामा काटा। इस बीच मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावडे़कर को अध्यक्ष ने विधेयक पेश करने की अनुमति दे दी। उनके विधेयक पेश करने के बाद गृहमंत्री का बयान जारी हो गया। जबकि विपक्ष ने पूरी चर्चा की मांग की। कांग्रेस ने इस मामले पर कार्यस्थगन का प्रस्ताव भी दिया हुआ था। जिसे अध्यक्ष ने स्वीकार नहीं किया।