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दिल्ली क्रिकेट की कमान संभालने की तैयारी में अरुण जेटली के बेटे, अध्यक्ष पद के लिए किया नामांकन
Wed, 07 Oct 2020 07:55 PM IST
देव कश्यप
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 07 Oct 2020 07:55 PM IST
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पिता अरुण जेटली के साथ रोहन जेटली
- फोटो : Twitter@rohanjaitley
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दिवंगत पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का बेटा रोहन जेटली दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) का अगला अध्यक्ष बनने को तैयार हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार व विवादों से भरी संस्था में अनावश्यक खर्चों को रोकने का वादा किया है।
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डीडीसीए अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरने के अंतिम दिन बुधवार को रोहन ने अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए इस पद के लिए नामांकन भरा। पता चला है कि उन्हें संघ में सभी बड़े गुटों का सहयोग प्राप्त है। उनके पिता का पिछले साल निधन हो गया था।
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रोहन ने औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बातचीत के दौरान पीटीआई से कहा कि ‘हां, मैंने आज अपना नामांकन भरा है। मैं दिल्ली क्रिकेट की बेहतरी के लिए काम करना चाहूंगा और हर किसी से यही करना पसंद करूंगा।’
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उम्मीद की जा रही है कि 31 वर्षीय रोहन डीडीसीए में सभी विरोधी गुटों की सर्वसम्मत पसंद होंगे। जब उनसे यह पूछा गया तो वह हंसने लगे। पेशे से वकील रोहन ने कहा कि ‘मुझे मुकाबले से कोई परेशानी नहीं है। यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए अच्छा है। आइडिया यह है कि अच्छे लोगों को सही समय पर लाया जाए ताकि संतुलन और नियंत्रण बना रहे।'
उनकी योजनाओं के बारे में पूछने पर रोहन काफी स्पष्ट थे कि वे क्या हासिल करना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि ‘पहला आइडिया एक ‘विजन डाक्यूमेंट’ लाने का है और साथ ही जरूरी संतुलन व नियंत्रण बनाने का है, ताकि हम सही दिशा में आगे बढ़ें।’
टेक्नोलॉजी के कुछ क्षेत्रों पर काम करूंगा- रोहन
उन्होंने कहा कि ‘मैं अखंडता, टेक्नोलॉजी के कुछ क्षेत्रों पर काम करूंगा और खेल प्रबंधन के साथ खेल क्लबों और बुनियादी ढांचों को भी अहमियत दूंगा।' सहयोगी स्टाफ के रुके हुए भुगतान और मुकदमों पर जो करोड़ों में खर्चा हो रहा है, उसका क्या? इस पर उन्होंने कहा कि ‘मैं इन मुद्दों को तभी निपटा सकता हूं जब मैं पदभार संभाल लूं। मैं आश्वस्त कर सकता हूं कि कोई भी गैर जरूरी खर्चा नहीं होगा। केवल वैध खर्चों को ही वहन किया जाएगा।'
उन्होंने कहा कि ‘मैंने मुकदमे के खर्चों के बारे में खबर पढ़ी थी। मैं सभी से संघ की बेहतरी के लिए काम करने का आग्रह करूंगा।' रोहन पहली बार क्रिकेट प्रशासन में प्रवेश करेंगे और डीडीसीए में कई विरोधी गुट हैं। विनोद तिहाड़ा गुट, एसपी बंसल गुट और सीके खन्ना गुट इनमें से कुछ हैं।
उन्होंने कहा कि ‘गुटबंदी हमेशा से डीडीसीए में रही है। अगर आप सर्वसम्मति बनाने को देखोगे तो मैं इसे अलग नजरिए से देखना चाहूंगा। प्रत्येक ग्रुप में अच्छे लोग हैं। अच्छे लोगों को विभिन्न पदों के लिए चुना जाना चाहिए ताकि वे सभी योगदान कर सकें।'
रोहन ने कहा कि ‘मैं मदन लाल से बात कर रहा था। वह कह रहे थे कि हमें एक साथ मिलकर काम करने की जरूरत है और मैंने कहा कि हमें प्रत्येक में से सर्वश्रेष्ठ निकालना होगा। क्रिकेट सुधार समिति होनी चाहिए और सुधारों का रिकॉर्ड होना चाहिए।'