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एनसीआरबी: 2020 में सड़क दुर्घटनाओं में 1.33 लाख लोगों की मौत, दोपहिया वाहन सवार सबसे ज्यादा शिकार
Fri, 29 Oct 2021 08:43 PM IST
Amit Mandal
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 29 Oct 2021 08:43 PM IST
सार
एनसीआरबी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 60 फीसदी से ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं तेज रफ्तार के कारण हुईं, जिसमें 75,333 लोगों की मौत हुई और 2,09,736 लोग घायल हुए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देश में साल 2020 में दुर्घटना में मौत के कुल 3,74,397 मामले सामने आए हैं। इनमें से करीब 35 फीसदी सड़क हादसे में मारे गए। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की वार्षिक रिपोर्ट में ये बात सामने आई है। हालांकि, 2020 में दुर्घटना में मौतों की संख्या 2019 की तुलना में कम थी। तब यह आंकड़ा 4,21,104 था।
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सड़क दुर्घटनाओं के 3,54,796 मामले दर्ज
केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले एनसीआरबी ने बताया कि प्रति लाख जनसंख्या पर हादसों में मौत की दर 2020 में 27.7 फीसदी थी, जो पिछले वर्ष 31.4 फीसदी थी। भारत में 2020 के दौरान सड़क दुर्घटनाओं के 3,54,796 मामले दर्ज किए गए, जिसमें 1,33,201 लोग मारे गए और 3,35,201 घायल हुए। रिपोर्ट में कहा गया है कि 60 फीसदी से ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं तेज रफ्तार के कारण हुईं, जिसमें 75,333 लोगों की मौत हुई और 2,09,736 लोग घायल हुए।
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43.6 प्रतिशत दोपहिया वाहन सवार
एनसीआरबी के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं के शिकार लोगों में से 43.6 प्रतिशत दोपहिया वाहन सवार थे, इसके बाद कार, ट्रक या लॉरी और बसों में 13.2 प्रतिशत, 12.8 प्रतिशत और 3.1 प्रतिशत मौतें सड़क दुर्घटनाओं के कारण हुईं। खतरनाक या लापरवाह ड्राइविंग या ओवरटेकिंग ने 24.3 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाओं में योगदान दिया, जिससे 35,219 लोगों की मौत हुई और 77,067 लोग घायल हुए।
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एनसीआरबी की रिपोर्ट में कहा गया है कि केवल 2.4 फीसदी सड़क दुर्घटनाएं खराब मौसम के कारण हुईं। आंकड़ों के मुताबिक ग्रामीण इलाकों में 2,11,351 मामले (59.6 फीसदी), और शहरी इलाकों में 1,43,445 (40.4 फीसदी) सड़क दुर्घटनाओं के मामले सामने आए। इसके अलावा कुल सड़क दुर्घटनाओं में से 31.8 प्रतिशत आवासीय क्षेत्रों के पास हुईं।
रेलवे दुर्घटनाओं के कुल 13,018 मामले
एनसीआरबी की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 के दौरान रेलवे दुर्घटनाओं के कुल 13,018 मामले सामने आए, जिसमें 1,127 लोग घायल हुए और 11,968 लोगों की मौत हुई। 70 फीसदी रेल दुर्घटनाएं ट्रेनों से गिरने या ट्रैक पर टक्कर से हुई। रेलवे क्रॉसिंग दुर्घटनाओं के 1,014 मामलो में 1,185 मौतें हुईं और 71 लोग घायल हुए। उत्तर प्रदेश में रेलवे क्रॉसिंग दुर्घटनाओं (1,014 मामलों में से 380) के अधिकतम मामले दर्ज किए गए, जो ऐसी दुर्घटनाओं का 37.5 प्रतिशत है।
10,000 से ज्यादा किसानों ने दी जान
एनसीआरबी के ही आंकड़ों के मुताबिक 2020 में देश में आत्महत्या के कुल मामलों में 10,677 लोग कृषि से भी जुड़े थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019 की तुलना में ज्यादा लोगों ने आत्महत्या की। 2019 में यह आंकड़ा 139,123 था। कृषि क्षेत्र से जुड़े 10,677 लोगों में 5,579 किसान व 5,098 कृषि श्रमिकों ने आत्महत्या की थी। किसानों में 244 महिलाएं थीं। वहीं कृषि श्रमिकों में 477 महिलाएं थीं।