सेना ने किया ममता के आरोपों का खंडन, ममता सेना पर लगाए आरोपों पर अड़ीं
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पश्चिम बंगाल के विभिन्न टोल प्लाजा पर सेना तैनात करने के मुद्दे पर बढ़ते विवाद के बीच सेना ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आरोपों का खंडन किया है। सेना ने अपने दावे के समर्थन में दस्तावेजी सबूत भी जारी किए हैं। दूसरी ओर, ममता भी सेना पर तख्तापलट के प्रयास के अपने आरोप पर अड़ी हुईं हैं।
राज्य में ‘लोकतंत्र की रक्षा’ के लिए वे बृहस्पतिवार रात से ही राज्य सचिवालय नवान्न में जमी हैं। इस बीच, सेना की तैनाती के विरोध और टोल प्लाजा से उसे हटाने की मांग में तृणमूल कांग्रेस के मंत्रियों व विधायकों ने शुक्रवार को यहां राजभवन के सामने धरना दिया।
शुक्रवार को सेना की ओर से ममता के तमाम आरोपों को निराधार करार देते हुए संबधित दस्तावेज जारी किए गए। सेना ने इसे एक रुटीन अभ्यास बताते हुए उस पत्र की प्रति जारी की है जिसमें राज्य पुलिस से उक्त कार्रवाई के लिए अनुमति मांगी गई थी। सेना ने यह पत्र बीते 23 नवंबर को कोलकाता पुलिस को भेजी थी। कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त (एसीपी) सुप्रतिम सरकार ने 25 नवंबर को इसका जवाब दिया था।
तृणमूल कांग्रेस ने सेना की सफाई से किया इंकार
पुलिस ने कहा था सेना कोलकाता के जिस सचिवालय इलाके में रुटीन अभ्यास करना चाहती है वहां ट्रैफिक ज्यादा है और वह इलाका उच्च-सुरक्षा वाला है। ऐसे में वहां अनुमति नहीं दी जा सकती। इससे पहले कल रात सेना की पूर्वी कमान के प्रवक्ता विंग कमांडर एसएस बिरदी ने इसे एक रुटीन अभ्यास बताया था ताकि आपात स्थिति में सामान और दूसरी वस्तुओं की ढुलाई के लिए उपलब्ध वाहनों की तादाद का अनुमान लगाया जा सके।
इन आरोपों के और संसद में हंगामे के बाद इस पर बंगाल एरिया के जीओसी मेजर जनरल सुनील यादव ने तृणमूल कांग्रेस के सभी आरोपों का खंडन किया और अपने बयान के समर्थन में दस्तावेजी सबूत भी पेश किए। इन दस्तावेजों से साफ है कि सेना ने अपने रुटीन अभ्यास से पहले स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचित किया था।
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने सेना की सफाई मानने से इंकार कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस की दलील है कि टोल प्लाजा से गुजरने वाले तमाम वाहनों के आंकड़े पहले से ही मौजूद हैं। सेना वाहनों की जांच नहीं कर सकती और राज्य पुलिस के सहयोग से अभ्यास की बात निराधार है। उधर, तृणमूल नेताओं ने राजभवन के सामने धरना दिया और मोदी हाय हाय के नारे लगाए।